ग्वालियर.नईदुनिया प्रतिनिधि। निगम पर 60 करोड़ रुपये का कर्ज है, इसमें से 30 करोड़ रुपये एडीबी के बकाया है, जबकि इसी वर्ष सड़क निर्माण के लिए 30 करोड़ रुपये निगम ने कर्ज लिया है। इस प्रकार नगर निगम पर 60 करोड़ रुपये का कर्ज बकाया है, इस कर्ज की अदायगी आमजनों से किए जाने वाले टैक्स के रूप में की जाएगी। लेकिन पानी और सड़क के लिए लिए गए इस कर्ज के बाद भी शहरवासियों को पानी एवं सड़क के लिए परेशान होना पड़ रहा है। एडीबी एशियन विकास बैंक को हर साल किश्त के रूप में 10 करोड़ रुपये देने पड़ रहे हैं। वहीं इसी माह से सड़कों के लिए गए 30 करोड़ रुपये कर्ज की किश्त भी इसी माह से प्रारंभ हो जाएगी।

ग्वालियर शहर की आबादी करीब 11 लाख है, जबकि शहर पर 60 करोड़ रुपये का कर्ज है, इस हिसाब से प्रत्येक नागरिक के हिस्से में 545 रुपये का कर्ज आया है। लेकिन यह कर्ज सम्पत्तिकर, जलकर, गार्बेज टैक्स आदि के रूप में शहरवासियों से वसूला जा रहा है, इनमें भी केवल 1.75 लाख लोग ही टैक्स जमा कर रहे हैं, जबकि शहर में तीन लाख से अधिक मकान बने हुए हैं। हालांकि शहर विकास के लिए नगर निगम ने इस साल 1388 करोड़ रुपये का बजट बनाया है।

2022- 23 के बजट में विकास कार्याे के लिए राशि का प्राविधान

- 1388 करोड़ 29 लाख 43 हजार रुपये की आय का लक्ष्य

- 1368 करोड़ 73 लाख 7 हजार रुपये का व्यय होगा

- 369 करोड़ रुपये की आय का लक्ष्य रखा है।

- 3 लाख 27 हजार 6 सौ रुपये की बचत होगी।

- 200 करोड़ रुपये का प्राविधान प्रधानमंत्री आवास योजनाकिे लिए

- 90 करोड़ रुपये का प्राविधान सड़कों के लिए

- 800 करोड़ रुपये का प्राविधान अमृत योजना पार्ट 2 के लिए करीब

- 53 करोड़ रुपये का प्राविधान सीएण्डडी बेस्ट प्लांट को लगाने के लिए

- 7 करोड़ रुपये का प्राविधान ई व्हीकल एवं सीएनजी वाहनों को बढावा देने के लिए

- 31 करोड़ रुपये का प्राविधान गोशाला में सीएनजी प्लांट के लिए

- 5 करोड़ का प्राविधान दमकल विभाग में नए वाहनों को खरीदने के लिए

- 1 करोड़ रुपये का प्राविधान बायोचलित शौचालयों को खरीदने के लिए

- 1 करोड़ रुपये का प्राविधान ठेले एवं डस्टबीन को खरीदने के लिए किया गया है

Posted By: anil.tomar

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