Jyotiraditya Scindia Interview: दिल्ली से भोपाल विशेष विमान में राज्‍यसभा सदस्य व भाजपा नेता ज्‍योतिरादित्‍य सिंधिया से नईदुनिया ग्वालियर संपादकीय प्रभारी वीरेंद्र तिवारी की विशेष बातचीत

ग्‍वालियर। मेरे लिए जनता के मुद्दे और विकास ही सर्वोपरि था, है और रहेगा। कांग्रेस सरकार के दौरान मैंने जनता के मुद्दों की बात की तो मुझे कहा गया सड़क पर उतर जाओ। ऐसे में मैंने सोच विचार कर कांग्रेस छोड़ने का फैसला किया। यह बहुत कठिन निर्णय था, लेकिन जब-जब जनता के मुद्दों की अनदेखी होगी मैं सड़क पर उतरता रहूंगा। मैं नेम प्लेट वाला नेता नहीं हूं। मेरी कोई चाह नहीं, लेकिन विकास की बात से समझौता नहीं करूंगा। दिल्ली से भोपाल विशेष विमान से आते वक्त राज्यसभा सदस्य और भाजपा नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने नईदुनिया से अपने स्पष्ट विचार प्रकट किए। इस दौरान उन्होंने राहुल गांधी, कमल नाथ, दिग्विजय सिंह और सबसे चर्चित गद्दार वाले मुद्दे पर जमकर पलटवार किया। पेश हैं बातचीत के संपादित अंश ।

सवाल. आपका वीडियो संदेश जारी हुआ है उसमें आप कह रहे हैं इस बार हमारा चुनाव चिन्‍ह है कमल, अगली बार कुछ और हो सकता है क्या ?

उत्तर. जिंदगी में मेरा लक्ष्य राजनीति नहीं जनसेवा है। व्यक्ति के पास दो विकल्प होते हैं। एक व्यक्ति समझता है कि जनसेवा एक माध्यम है राजनीति में जाने का जबकि दूसरा विकल्प होता है कि राजनीति माध्यम है जनसेवा करने के लिए। मैं दूसरे वर्ग का व्यक्ति हूं। मैंने अपने जीवन के बीस महत्वपूर्ण साल कांग्रेस पार्टी को दिए, लेकिन जिस प्रकार से कमल नाथ और दिग्विजय सिंह ने जन आकांक्षाओं को कुचला वह मैं सहन नहीं कर सका। मैं चुपचाप मूक दर्शक के रूप में खड़ा नहीं हो पाता। जब मेरे से कहा गया सड़क पर उतर जाओ तो मेरे पास चारा क्या था? मैं मानता हूं कि कमल का फूल और पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत एक अग्रसर देश होकर आगे बड़ेगा। भाजपा मेरे लिए कोई नई पार्टी नहीं है, क्योंकि इस पार्टी को खड़ा करने के लिए मेरे परिवार का अहम योगदान है।

सवाल. आपने एक बात अपने वीडियो संदेश में कही कि हम लोगों को सरकार की चाह नहीं है लेकिन जिस पार्टी से आप जुड़ गये हैं वह तो कुख्यात है सरकार बनाने-गिराने के लिए ?

उत्तर. मैं नहीं मानता। भारतीय जनता पार्टी देश की जनता और प्रदेश की जनता के हित में कार्य करती है। आप देखिए कि 15 माह की कमल नाथ सरकार और भाजपा की पांच माह की सरकार में कितना अंतर है। हम कोरोना के साथ आमना-सामना कर रहे थे उसके बावजूद हमने गरीबों से लेकर किसान तक हर वर्ग का ख्याल रखा। प्रधानमंत्री आवास योजना से लेकर तमाम योजनाएं देखिए। एक मूल भावना जन विकास की देखने को मिलेगी फिर चाहे केंद्र में नरेंद्र मोदी जी की सरकार हो या प्रदेश में शिवराज सिंह की सरकार ।

सवाल. कांग्रेस ने आपके विकास के माडल और चेहरे पर चुनाव लड़ा था। कब आपको लगने लगा था कि सरकार उस माडल से हट रही है।

उत्तर. देखिए आप खुद मप्र के हैं आपको अच्छे से पता होगा कि किस ढंग से वल्लभ भवन में सरकार चल रही थी। 15 महीनों में कांग्रेस की सरकार को गरीबों की चिंता नहीं थी, कोरोना की चिंता नहीं थी, बाढ़ पीड़ितों की चिंता नहीं, लेकिन आइफा अवार्ड की चिंता थी। अभिनेत्रियों के संग फोटो खिचाने की चिंता थी। 15 महीनें सिर्फ नोट बटोरने वाली सरकार चली है। जब नोट बटोरने के बाद सरकार चली गई तब समझ आया कि अब हमें जनता के पास वोट बटोरने के लिए जाना होगा।

सवाल. लेकिन कमल नाथ और दिग्विजय सिंह तो कांग्रेस नहीं थी, आपने हाइकमान तक बात क्यों नहीं पहुंचाई कि देखिए किस प्रकार से विकास के माडल से मप्र सरकार हट रही है?

उत्तर. मैंने सात माह आपको इंटरव्यू नहीं दिया, क्योंकि मैं मौन रहना चाहता था। मैं पुरानी बातें भूलकर अब आगे बढ़ना चाहता हूं। मैं अब वर्तमान और भविष्य में जीना चाहता हूं। मैं भारतीय जनता पार्टी का कार्यकर्ता हूं ।

सवाल. लेकिन आप तो राहुल गांधी की टीम के अहम हिस्से थे, क्या राहुल गांधी ऐसे लोगों से घिरे हैं जो अच्छे लीडर्स को आगे नहीं बढ़ने देना चाहते ?

उत्तर. कांग्रेस पार्टी का चाल चलन या कार्य प्रणाली राहुल गांधी पर और उनकी पार्टी पर निर्भर करती है, लेकिन अब मैं उस बारे में कुछ नहीं कहना चाहता।

सवाल. मैं लगातार चंबल में भ्रमण कर रहा हूं, कांग्रेस के उन लोगों से मिल रहा हूं जिनको आपने बनाया है? उनको यकीन है आप फिर वापसी करेंगे ?

उत्तर. मैंने भाजपा में जाने का निर्णय अंतरआत्मा की आवाज पर लिया है। मैं उन लोगों में से नहीं हूं जो किसी अवसर के लिए एक पद की लालसा में एक दल से दूसरे दल में आते जाते रहते हैं। मैं पूरी ईमानदारी से कहना चाहता हूं कि अंतिम सांस तक अब भाजपा में ही रहूंगा।

सवाल. लेकिन दिग्विजय सिंह जी तो कह रहे हैं कि आप पद की लालसा में भाजपा में गये हैं ?

उत्तर. देखिए यदि मैं दिग्विजय सिंह और कमल नाथ जैसा अवसरवादी होता तो जब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष का मुद्दा आया तो मैं उस वक्त जरूर लड़ता, लेकिन मैंने चुपचाप हाइकमान के आदेश का पालन किया था। पूरे चुनाव में मैंने जी जान लगाई। जब मुख्यमंत्री की घोषणा हुई उस वक्त भी मैं विरोध कर सकता था, लेकिन फिर से मैंने पार्टी के आदेश का पालन किया।

सवाल. आपको नहीं लगता जिस जनता ने आपके चेहरे पर वोट किया उसकी भावनाओं ख्याल नहीं रखा गया ?

- मैं जीवन में खुद के लिए अभिलाषी नहीं हूं लेकिन जब बात जनता की अभिलाषा की बात आती है तो मैं जरूर अभिलाषी हूं। जब जनता के साथ धोखा होगा मैं चुप नहीं रह सकता। कमल नाथ को सीएम बनना था वह बन गये थे फिर से एक दिन का बनना चाहते हैं फिर से कोशिश कर रहे हैं।

सवाल. जो मुद्दे लेकर आप कांग्रेस से अलग हुए क्या सिंधिया का विकास का वह माडल क्या भाजपा में भी जारी रहेगा क्योंकि यहां तो चीजें बदली हुईं हैं ?

उत्तर. आपने पिछले पांच माह का सरकार के कार्यकाल पर गौर नहीं किया। हर विधानसभा में 200-300 करोड़ की योजनाएं हम लेकर आए। जो विकास में गति अवरोधक कमल नाथ की सरकार बनी थी वह हमने उखाड़ फेकी है। इसलिए हर हाल में विकास का माडल जारी रहेगा।

सवाल. जब आप विपक्ष में थे तब आपने व्यापमं कांड का मुद्दा उठाया फिर अतिथि शिक्षकों का मुद्दा उठाया। अब वह मुद्दे कैसे लेकर आगे जाएंगे ?

उत्तर. देखिए जो कांग्रेस का घोषणा पत्र था जिसको लेकर मैं सड़क पर आया था चाहे अतिथि शिक्षक का मुद्दा हो या जो भी हो उसका समाधान मैं शिवराज सिंह के साथ मिलकर करूंगा ।

प्र .. और व्यापमं कांड ?

उत्तर. व्यापमं कांड पर सुप्रीम कोर्ट और हाइकोर्ट ने जो रुख स्पष्ट किया है मैं उस रुख के साथ हूं।

सवाल. आप पर लगातार गद्दार के आरोप लगते हैं, यह मुद्दा पीछा नहीं छोड़ रहा, आप कैसे पटाक्षेप चाहते हैं इसका ?

उत्तर. गद्दार वाले मुद्दे पर मेरा दो बिंदु हैं पहला- पहले तो दिग्विजय सिंह यह बताएं कि जब उनके भाई कांग्रेस से बीजेपी में गये थे क्या तब वह गद्दार थे ? दूसरा, मैं आपने पूछना चाहता हूं कि भारत के सत्तर साल के इतिहास में कभी ऐसा हुआ कि इतिहास में पहली बार छह मंत्रियों ने अपना मंत्री पद त्याग दिया हो, 26 विधायकों ने अपनी विधायकी त्याग दी हो। कैसे मुख्यमंत्री रहे हैं कमल नाथ। कितना प्रताड़ित किया होगा इन सभी को। यह कोई मामूली बात नहीं है। यह काबिलियत दिखाता है कमल नाथ की। जहां तक गद्दार की बात की है तो मैं मानता हूं कि सबसे बड़े गद्दार तो कमल नाथ और दिग्विजय सिंह हैं उन्होंने प्रदेश की साढ़े सात करोड़ जनता के साथ गद्दारी की है और इसका जवाब जनता इनको तीन नवंबर को देगी।

सवाल. लेकिन वह तो इतिहास बंटवा रहे हैं जिसमें सिंधिया परिवार की गद्दारी का जिक्र है?

उत्तर. वह जो करें सो करें मुझे कोई दिक्कत नहीं है जिस निम्न स्थिति में जाना चाहते हैं जाएं। प्रदेश की जनता सिंधिया परिवार को जानती है और मुझे जानती है। कमल नाथ को इतिहास की क्लास पढ़नी होगी। जिस सिंधिया परिवार ने अहमद शाह अब्दाली का सामना किया जो दद्दा जी सिर कटने से पहले दुर्रानी को बोलते रहे कि जिएंगे तो लड़ेंगे उस इतिहास को कांग्रेस को पढ़ना चाहिए। और मुझे तो आश्चर्य है कि तीस साल तक मेरे पूज्य पिताजी कांग्रेस पार्टी की सेवा करते रहे मैं बीस साल कांग्रेस में रहा, इन पचास सालों में क्यों नहीं निकाली गद्दारी की बात, अब उनके साथ नहीं हूं तो गद्दार हो गया। वाह।

सवाल. यह लगातार कहा जा रहा है कि आपके चेहरे पर चुनाव लड़ा जाना चाहिए था लेकिन भाजपा ऐसा कर नहीं रही है सभी जगह से आपका फोटो गायब है?

उत्तर. मैंने पहले कहा मुझे रथ पर खुद की फोटो नहीं चाहिए, स्टार प्रचारक में मेरा नाम हो न हो लेकिन जनता के दिलों में नाम होना चाहिए। मैं नेम प्लेट राजनेता नहीं हूं।

सवाल. मप्र खासकर ग्वालियर चंबल के भाजपा नेता आपके आने से असहज हैं उन्हें लगता है कि नया क्षत्रप तैयार हो गया है?

उत्तर. देखिए मैं अपनी पार्टी के लिए समर्पित हूं। किसी को असहज होने की जरूरत नहीं है। मेरी कोशिश है कि मैं सभी के दिलों में जगह बना लूं और वह कोशिश मेरी जारी रहेगी। मैं उनमें से नहीं हूं जिसे सौ फीसद सफलता मिले, लेकिन सभी को अपना बनाने का प्रयास जारी रहेगा।

सवाल. कमल नाथ कह रहे हैं आपको भाजपा दूल्हा बनाकर लाई है, लेकिन दामाद नहीं बनाया जाएगा ?

उत्तर. मुझे तो समझ ही नहीं आ रहा कमल नाथ जी कहना क्या चाहते हैं। उनकी दिक्कत यही है उनको खुद पता नहीं रहता कि वह क्या कह रहे हैं। कमल नाथ जी को सिर्फ अपनी कुर्सी की चिंता रहती है। जब केंद्र में विपक्ष में बैठे तो वह कितनी बार संसद में बोले?, बोलने का छोड़ो कितनी बार संसद में उपस्थित रहे? प्रदेश की बात कर लो। दावा करते हैं चालीस साल से राजनीति कर रहे हैं कभी गांव गांव चप्पे - चप्पे में गये हैं? क्या उन्होंने देखा है कि मप्र कितना बड़ा है?

सवाल. लेकिन जिस मात्रा में लोग आए उससे तो भाजपा में अब एक सिंधिया गुट तैयार हो गया है ?

उत्तर. नहीं मेरा कोई गुट नहीं, भाजपा में यदि कोई गुट है तो भारत का गुट है, मप्र का गुट है। कोई व्यक्ति विशेष का गुट नहीं है। मप्र में सभी शिवराज सिंह के नेतृत्व में काम कर रहे हैं।

सवाल. यदि सरकार बनी तो क्या बड़े बदलाव प्रदेश में देखने को मिलेंगे ?

उत्तर. मैं स्पष्ट तौर से कहूं तो दो बड़ी चीजों पर फोकस रहेगा। गरीबों का उत्थान जो शिवराज सिंह जी का एजेंडा है। और उसी के साथ प्रदेश का औद्योगिकीकरण नये स्तर पर पहुंचेगा। मप्र सही मायनों में देश का दिल बने इसका प्रयास रहेगा।

सवाल. और ग्वालियर चंबल का विकास, यह क्षेत्र तो पिछड़ गया है ?

उत्तर. मेरा प्रयास पूरे प्रदेश में विकास करना है। ग्वालियर चंबल के लिए विकास की कई योजनाएं हमने शुरू की हैं। चंबल एक्सप्रेस-वे मेरे पूज्य पिताजी का सपना था वह सपना पूरा होने जा रहा है। मैं आपके माध्यम से विश्वास दिलाता हूं कि क्षेत्र के विकास में कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी।

Posted By: anil.tomar

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस