- 16वें उद्भव महोत्सव में शनिवार को हुआ सेमीफाइनल राउंड

ग्वालियर। नईदुनिया रिपोर्टर

महिषासुर के आतंक से जब सभी देवी-देवता परेशान हो गए, उसके अत्याचार पराकाष्ठा को पार कर जाते हैं, तब मां महाकाली प्रकट होकर महिषासुर का मर्दन करती हैं। राक्षस के वध के बाद महाकाली अपने नौ रूपों में प्रकट होकर संसार को महिला सम्मान और शक्ति के बारे में बताती हैं। उनकी सवारी शेर उनके नजदीक बैठकर रक्षा करने काम करता है। महाकाली और महिषासुर संहार के दृश्य को बेंगलुरू आई रॉक ब्रेकर टीम ने बखूवी से दिखाया। महाकाली का रौद्र रूप देख दर्शक हाथ खुद-ब-खुद प्रार्थना में उठ गए। मौका था शनिवार को उद्भव सांस्कृतिक एवं क्रीड़ा संस्थान और ग्रीनवुड स्कूल के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित 16वें उद्भव उत्सव के तीसरे दिन सेमीफाइनल्स का। ग्रीनवुड स्कूल में हुए सेमीफाइनल में एक ही मंच पर भारत के कई राज्यों ने क्लासिकल, सेमी क्लासिकल, लोकनृत्य की प्रस्तुतियां दी।

अतिथि के तौर पर सांसद विवेक शेजवलकर, विधायक मुन्नालाल गोयल, हसन रघु और सर्बिया से बेसिम मौजूद रहे। सेमीफाइनल राउंड के निर्णायक मंडल में वाणी माधव, स्वाति वांघु, श्रीगरमनी फनी, जयंथी सेन रहे। इस राउंड में 17 टीमों ने धर्म, क्षेत्रीय नृत्य, बेटी बचाओ, बेटी के सम्मान आदि थीम पर डांस किया। संचालन इंदौर के प्रीतेश खरे ने किया।

राधाकृष्ण का अद्भुत प्रेम

जब राधाराधी से मिलने बांकेबिहारी मथुरा जाते हैं तो राधारानी उन्हें रोकती हैं। कान्हा राधा को समझाते हुए कहते हैं कि राधा और कृष्ण नहीं हमारा प्रेम राधाकृष्ण से जाना जाएगा। और राधा को बांसुरी देकर कृष्ण चले जाते हैं। राधाकृष्ण के प्रेम और सखियों के संगा रास की प्रस्तुति दी।

ओपी जिंदल मॉर्डन स्कूल,हिसार

राग परमेश्वरी पर देवी की आराधना

दुर्गा स्तुति को कथक में तीन ताल बारह मात्राएं में निबद्घ राग परमेश्वरी पर प्रस्तुति दी। इसमें मां दुर्गा के साथ उनके नौ रूपों की अराधना की। नृत्य भी एक साधना है और देवी को प्रसन्न करने के लिए और उनके आगमन के लिए किया जाता है।

शिशुकुंज इंटरनेशनल, इंदौर

विदेशियों ने भी दी प्रस्तुतियां

विदेशी टीमें ईरान, इजराइल, स्पेन, रशिया, कजाकिस्तान, श्रीलंका आदि 7 टीमों ने भारतीय टीम के परर्फोमेंसेस के गैप में अपने देश की छवि भी दिखाई। उन्होंने अपने देश की संस्कृति को मंच पर बखूवी दिखाया।

Posted By: Nai Dunia News Network

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