ग्वालियर। अब तक मानसून भले ही पूरी तरह मेहरबान नहीं हुआ, लेकिन शहर के आसपास प्राकृतिक छटा देखते ही बनती है। विश्व फोटोग्राफी दिवस की पूर्व संध्या पर तिघरा जलाशय के समीप प्रसिद्ध नलकेश्वर महादेव मंदिर की पहाड़ियों से बहते बरसाती झरनों का संभवत: पहली बार यह नजारा नईदुनिया ने करीब 2000 फीट ऊंचाई से ड्रोन के जरिए कैद किया।

-नलकेश्वर धाम के पास राई गांव में मृगनयनी जन्मी थीं। 15वीं शताब्दी में महाराजा मानसिंह तोमर-मृगनयनी के अमरप्रेम की गवाह यही स्थान है।

-मृगनयनी के रूप-रंग और बहादुरी को देखकर मानसिंह ने उनसे विवाह करने की इच्छा जताई । मृगनयनी ने शर्त रखी यहां के गौमुख का पानी यदि ग्वालियर दुर्ग तक आ जाएगा तब वह विवाह करेगी। इस पर मानसिंह नलकेश्वर पहाड़ी से दुर्ग तक पानी की लाइन डलवाई थी।

ऐसे पहुंचे नकलेश्वर धाम

शहर से करीब 45 किलोमीटर की दूरी पर स्थित नलकेश्वर के झरनों तक पहुंचने का रास्ता काफी दुर्गम है। पहले आपको तिघरा जलाशय पहुंचना होगा। यहां कच्चे-पक्के रास्ते से 20 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए आप यहां पहुंच सकते हैं। यहां सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं है। ग्रामीणों की मदद से आप झरनों तक पहुंच पाएंगे।

फोटो : बबलू भोंसले