ग्वालियर। नईदुनिया रिपोर्टर

महिला तब तक अपने सम्मान और हक के लिए लड़ाई नहीं लड़ सकती, जब तक उसे अपने अधिकारों के बारे में पता न हो। उनकी सुरक्षा के लिए कई कानून बनाए गए है। जो सोमवार को न्यायायिक दंड अधिकारी संजय जैन ने सिंधिया कन्या विद्यालय की महिला कर्मचारियों को लीगल एड कैंप में बताए। उन्होंने अपने संबोधन में आर्टिकल 14, 15, 16 और 39 (क) को भी शामिल किया। उन्होंने कहा समानता का अधिकार, धर्म, जाति, लिंग भेदभाव का निषेद्घ, अवसर की समानता का अधिकार मौलिक अधिकार में है। इनका हनन होने पर आप शिकायत के लिए न्यायालय की शरण ले सकते हो। कैंप में 60 महिला कर्मचारियों को अधिकारों से जुड़ी जानकारी दी गई। इस मौके पर विसकॉनसन पार्क साइड यूनिवर्सिटी की कुलपति डॉ. डोबरो फोर्ड, मजिस्ट्रेट संजय जैन, डायरेक्टर एमिटी लॉ स्कूल मेजर जनरल राजेंद्र कुमार एडं हैड ऑफ डिपार्टमेंट डॉ.राखी चौहान और महिला बाल विकास अधिकारी शालीन शर्मा के अलावा स्कूल प्राचार्य निशी मिश्रा मौजूद थीं। संचालन स्कूल की 11वीं और 12वीं क्लास की स्टूडेंट्स ने किया।

तीन नुक्कड़ नाटकों में छिपे ये तीन संदेश

1-दहेज प्रथा ने समाज को दूषित कर दिया है। कई महिलाओं ने दहेज की यातना के चक्कर में अपनी जानें गवाई हैं। दहेज प्रथा से ही घरेलू हिंसा को बढ़ावा मिला है। अगर किसी को दहेज को लेकर प्रताड़ित किया जाता है तो वह शांत न बैठे। सीधे पुलिस के पास जाए और शिकायत करे।

2-21वीं सदी में कई लोग अंधविश्वास, काला जादू, झाड़फूक और मानव बलि को मानते हैं। इस अंधविश्वास के कारण कई निर्दोषों को जान तक गवानी पड़ी है। इससे घर तक बर्बाद हो जाते हैं। इस तरह की घटना अगर किसी की आंखों के सामने घट रही है तो वह इसकी भी शिकायत थाने में कर सकता हैं

3-तीसरे नुक्कड़ नाटक में यौन उत्पीड़न की बढ़ती समस्याओं के बारे में बताया गया।

कर्मचारियों ने बताई समस्या-

मीडिएशन कैंप में कर्मचारियों ने मजिस्ट्रेट और अन्य अधिकारियों के सामने अपनी समस्या रखीं। उन्हें परेशानी से लड़ने का रास्ता बताया गया। रिटायर्ड मेजर जनरल राजेंद्र कुमार ने बताया कि आप अपने बच्चों को गुड टच और बैड टच के बारे में जरूर बताएं। लीगल एड आपकी निःशुल्क सहायता करेगा। वहीं महिला बाल विकास अधिकारी शालीन शर्मा ने वन स्टॉप सेंटर से जुड़ी जानकारी शेयर की।

Posted By: Nai Dunia News Network