Surya Rashi Parivartan 2021: विजय सिंह राठाैर, ग्वालियर नईदुनिया। सूर्य 17 अक्टूबर को अपनी नीच राशि तुला में दोपहर 1 बजकर 11 मिनट पर प्रवेश करने जा रहे हैं। जहां वह 16 नवंबर को दोपहर 12 बजकर 49 मिनट तक रहेंगे। इसे तुला संक्रांति भी कहा जाता है। ज्योतिषाचार्य सुनील चोपड़ा ने बताया कि ज्योतिष शास्त्र में कोर्ई भी ग्रह अपनी नीच राशि में प्रवेश करता है तो अच्छा नहीं माना जाता। इसी तरह तुला में सूर्य की यह स्थिति भी अच्छा फल नहीं देगी। यह परिवर्तन आरोग्यता और अज्ञानता को बढ़ाने वाला होता है। इसी के साथ जिनकी कुंडली में सूर्य की स्थिति अच्छी है। उन्हें ही इसका शुभ फल मिल सकता है। बाकी राशियों को इससे सतर्क रहने की जरूरत है। सनातन धर्म में तुला संक्रांति का व‍िशेष महत्व माना गया है। हमारे देश के कई राज्‍यों में तुला संक्रांति का पर्व को बहुत ही धूमधाम से मनाया जाता है।

मान्‍यता है क‍ि इस द‍िन अगर महालक्ष्‍मी को प्रसन्‍न कर ल‍िया जाए तो उनकी कृपा से जीवन में कभी भी धन की कमी नहीं होती। तुला संक्रांति और सूर्य के तुला राशि में रहने वाले इस माह में पवित्र जलाशयों और नदी में स्नान करना बहुत शुभ फलदायी माना जाता है। इसल‍िए इस द‍िन क‍िसी भी पव‍ित्र नदी में स्‍‍नान करें, यद‍ि कहीं न जा पाएं तो घर पर ही नहाने के पानी में गंगाजल डालकर स्‍नान कर सकते है। इसके बाद सूर्य देवता की व‍िध‍िवत पूजा-अर्चना करके जरूरतमंदों को लाल रंग की वस्‍तुएं दान करें। मान्‍यता है क‍ि ऐसा करने से सूर्य देवता और महालक्ष्‍मी दोनों ही अत्‍यंत प्रसन्‍न होते हैं और जातकों को धन-धान्‍य का आशीर्वाद देते हैं।

Posted By: vikash.pandey

NaiDunia Local
NaiDunia Local