फ्लैग - शहरी क्षेत्रों में वर्षों से जमे शिक्षक गांव जाएंगे, शिक्षा विभाग ने सूची की तैयार

- ग्रामीण क्षेत्रों की 100 स्कूलें हैं शिक्षक विहीन, 200 चल रही सिर्फ एक शिक्षक के भरोसे।

हरदा। नवदुनिया प्रतिनिधि

जिले की शहरी क्षेत्र की शासकीय शालाओं में वर्षों से जमे सरकारी शिक्षकों को जल्द ही शिक्षक विहीन शालाओं में भेजा जाएगा। स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है। जिले में करीब 125 शिक्षक अतिशेष की सूची में है। इनमें से कुछ शिक्षकों ने अभी हाल ही में अपना स्थानांतरण करा लिया है। इस वजह से सूची को एक बार फिर अपडेट किया जा रहा है। यह 125 वे शिक्षक हैं जो स्थानीय होने या अपनी पहचान, रसूख के चलते लंबे समय से शहरी क्षेत्रों के स्कूलों में जमे हैं। जहां बच्चों की संख्या के हिसाब से शिक्षकों की संख्या ज्यादा है। लेकिन इसके बाद भी इनके स्थानातंरण नहीं हो पा रहे। इस बार अधिकारियों ने ऐसे शिक्षकों को शिक्षक विहीन शालाओं में भेजने के लिए पूरा मन बना लिया है। जिले में कुल 909 शासकीय शालाएं हैं। इनमें से करीब 300 सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी है।

जिले में कुल स्कूलों की संख्या

प्राइमरी-542

मिडिल-282

हाई स्कूल -50

हाईसेकंडरी-35

कुल-909

100 स्कूलों में नहीं एक भी शिक्षक

जिले में 100 स्कूल ऐसे हैं, जिनमें एक भी शिक्षक नहीं हैं। सिर्फ अतिथि शिक्षकों के भरोसे वहां काम चल रहा है। वहीं 200 स्कूल ऐसे हैं जहां सिर्फ एक स्थाई शिक्षक हैं। बाकी अतिथियों के भरोसे शिक्षण व्यवस्था चल रही है। इन 100 स्कूलों में 90 फीसदी से ज्यादा स्कूल ग्रामीण क्षेत्रों के हैं। शहरी क्षेत्रों के स्कूलों की संख्या इस लिस्ट में बहुत कम है। अतिशेष शिक्षकों को इन स्कूलों में भेजा जाएगा। जिससे इन सभी स्कूलों को कम से कम एक-एक शिक्षक तो तुरंत मिल जाएगा। जिससे शिक्षण व्यवस्था में सुधार हो सकेगा और तय लक्ष्य को प्राप्त करने प्रयास तेजी से किए जा सकेंगे।

प्रभारी मंत्री के अनुमोदन से भेजा जाएगा

शिक्षकों का यहां से वहां भेजने में अधिकारियों पर पहले भी कई तरह के आरोप लगते रहे हैं। इस वजह से शिक्षा विभाग के अधिकारी अपने स्तर से किसी भी प्रकार का रिस्क नहीं लेना चाहते। अधिकारियों ने बताया कि अतिशेष शिक्षकों की सूची तैयार कर जिले के प्रभारी मंत्री पीसी शर्मा के पास भेजी जाएगी। वहां से अनुमोदन मिलने के बाद ही अतिशेष शिक्षकों को शिक्षकविहीन शालाओं में भेजा जाएगा। जिला मुख्यालय पर ही करीब 60 से 70 शिक्षक अतिशेष हैं। जिन्हें वर्षों से हटाने के लिए कोई प्रयास नहीं कर रहा है। इन्हें हटाने का प्रयास करते ही आरोपों की राजनीति शुरू हो जाती है।

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अतिशेष की सूची तैयार हो रही है

डीईओ कार्यालय से अतिशेष शिक्षकों की सूची तैयार हो रही है। हमारे ग्रामीण क्षेत्रों के बहुत से सरकारी स्कूलों में एक भी शिक्षक नहीं है, जबकि जिले में करीब 125 शिक्षक अतिशेष की सूची में हैं। ऐसे स्कूल जहां शिक्षकों की संख्या अधिक है। उनकी सूची तैयार कर प्रभारी मंत्री के अनुमोदन से इन्हें शिक्षक विहीन शालाओं में भेजा जाएगा, ताकि शिक्षण व्यवस्था सभी स्कूलों में सुचारू रूप से चल सके।

- डॉ. आरएस तिवारी, डीपीसी, जिला शिक्षा केंद्र

Posted By: Nai Dunia News Network