हरदा। नवदुनिया प्रतिनिधि

वर्षों से शहर के मध्य स्थित रेलवे फाटक का दंश नागरिक झेल रहे हैं, तो बढ़ते यातायात दबाव के चलते अब नागरिकों के लिए रेलवे फाटक अभिशाप बना हुआ है। फाटक के अधिकांश समय तक बंद रहने से नगर की यातायात व्यवस्था तो बिगड़ती ही है, साथ ही नागरिकों को परेशानियों का भी सामना करना पड़ रहा है। इस फाटक से नागरिकों की परेशानियां भी बिल्कुल जायज है, क्योंकि शहर के मध्य में स्थित यह रेलवे फाटक ट्रेनों के दबाव के चलते खुलता कम और बंद अधिक रहता है। ऐसे में आवाजाही पूरी तरह फाटक पर थम जाती है। रेल लाइन पार के कामों के लिए नागरिकों को घंटों फाटक खुलने का इंतजार करना पड़ता है। गुरूवार को कलेक्टर संजय गुप्ता व पुलिस अधीक्षक मनीष अग्रवाल ने अन्य अधिकारियों के साथ टिमरनी रोड़ पर स्थित रेलवे डबल फाटक पहुंचकर वहां यातायात व्यवस्था का जायजा लिया और अधीनस्थ अधिकारियों को यातायात व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए। इस दौरान अपर कलेक्टर जेपी सैयाम, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गजेन्द्रसिंह वर्धमान सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद थे। कलेक्टर गुप्ता ने राजस्व व रेलवे के अधिकारियों को डबल फाटक के आसपास की सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाकर मार्ग चौड़ा करने के लिए कहा ताकि यातायात सुचारू बना रहे। कलेक्टर गुप्ता ने डबल फाटक के आसपास सरकारी भूमि पर अतिक्रमण हटाने के लिए राजस्व विभाग, नगर पालिका व रेलवे के कर्मचारियों का संयुक्त दल बनाकर त्वरित कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उन्होंने डबल फाटक पर जब रेलों का अधिक आवागमन होता है ऐसे समय अतिरिक्त पुलिस बल व होमगार्ड के जवानों की ड्यूटी लगाने के लिए कहा।

भारी वाहनों का दबाव

हरदा को जिला बने करीब 24 साल हो गए है, लेकिन लगातार बढ़ती जनसंख्या के साथ यहां पर यातायात का दबाव भी बढता गया है, लेकिन इसकी व्यवस्था को लेकर कोई प्रयास नहीं किए गए। वर्तमान में शहर में इंदौर से बैतूल, नागपुर जाने वाले वाले बढे वाहनों का दबाव अधिक होता है। जिसके कारण शहर में दिन भर जाम की स्थिति बनती है।इसके अलावा यात्री बसों का भी दबाव रहता है। होशंगाबाद खंडवा स्टेट हाईवे कई जिलों को जोड़ता है। इसलिए यहां वाहनों का दबाव भी अधिक रहता है। फाटक में आने वाली तकनीकी खराबी के दौरान तो स्थिति और भी गंभीर हो जाती है।

बार - बार बंद होता रेलवे फाटक

शहर के बीचोंबीच स्थित रेलवे फाटक दिन भर में दर्जनों बार बंद होता है, जिसके कारण शहर में बार - बार जाम की स्थित भी निर्मित होती है। रेलवे स्टेशन पर माल गोदाम होने के कारण मालगाडियों की रैक भी गलती है जिसके कारण रेलवे फाटक घंटो तक बंद रहता है। इस दौरान कई बार अस्पताल से मरीजों को भोपाल ले जाने के दौरान भी कई बार एंबुलेंस को इंतजार करना पड़ता है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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