Harda Crime News : हरदा (नवदुनिया प्रतिनिधि)। चौदह साल की नाबालिग के साथ दुष्कर्म करने वाले आरोपित फुटबाल कोच को तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश ने बीस साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। आरोपित फुटबाल कोच ने प्रैक्टिस के बहाने बुलाकर दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया था। सहायक जिला अभियोजक जतिन दुबे ने बताया कि नारायण टाकी के पास रहने वाले आरोपित दीपक (30 वर्ष) पिता मोहनलाल पुरवईया को न्यायालय ने दोषी पाया। आरोपित के पास नाबालिग फुटबाल की प्रैक्टिस के लिए जाती थी। 24 मई 2020 की सुबह 5:25 बजे नाबालिग घर से प्रैक्टिस के लिए गल्ला मंडी के पास पार्क में गई, जहां उस समय तीन चार बच्चे प्रैक्टिस के लिए आए थे। प्रैक्टिस शुरू नहीं हुई थी। आरोपित फुटबाल कोच दीपक ने नाबालिग से कहा कि अभी सभी बच्चे नहीं आए हैं, तब तक फुटबाल में हवा भरने के लिए पंप लेकर आते हैं। आरोपित कोच ने नाबालिग को खुद की स्कूटी से उसके घर पंप लेने ले गया। घर के पीछे के रास्ते से ले गया। आरोपित ने हाथ पकडकर कमरे में अंदर खींच लिया और दुष्कर्म किया। आरोपित ने यह बात किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी भी दी थी। आरोप सिद्ध होने के बाद आरोपित को सजा सुनाई गई। इसके बाद पीङिता की रिपोर्ट पर सिटी कोतवाली थाने में धारा 376 (3), 376 (2) (एन), पाक्सो एक्ट एवं जान से मारने की धमकी देने का केस दर्ज किया गया। प्रकरण पंजीबद्ध होने के बाद थाना पुलिस ने विवेचना करने के बाद न्यायालय में प्रस्तुत किया है। जिस पर गुरुवार को न्यायालय ने फैसला सुनाया है। तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश आरोपित को 20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई।

Posted By: Lalit Katariya

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