प्रदीप शर्मा। हरदा, नवदुनिया प्रतिनिधि

कोरोना संक्रमण महामारी में हरदा जिले में सैकड़ों लोगों की मौत सिर्फ इसलिए हो गई, कि समय पर ऑक्सीजन नहीं मिली। हालात यह बने कि एक - एक ऑक्सीजन सिलिंडर लोगों ने हजारों रुपये खर्च कर खरीदा और अपनों को बचाने के लिए हर संभव कोशिश की। इसी समयावधि में पंचायतों में पौधारोपण कार्य के नाम पर टिमरनी विकासखंड क्षेत्र की दर्जनों पंचायत में पौधे लगाए गए, लेकिन इन पौधों ने सिर्फ कागजों में हरियाली की और इंजीनियर ने उसके प्रमाण भी जारी कर दिए। मौके पर पौधारोपण के नाम पर सिर्फ डंठल दिखाई देंगे। पौधारोपण के अलावा पीएम आवास, सड़क निर्माण कार्य सहित अन्य कार्य पूर्णतः के प्रमाण पत्र फर्जी जारी कर दिए हैं। टिमरनी विकासखंड के ग्राम पंचायत लाखादेह, चंद्रखाल, नौसर, झाड़बीड़ा, बोरपानी सहित अन्य पंचायतों में मनमर्जी के कार्यपूर्णताः प्रमाणपत्र जारी कर पौधारोपण लगाने के नाम पर लाखों रुपये का आहरण किया गया। टिमरनी विकासखंड के इंजीनियर मंदीप किरार द्वारा यह प्रमाणपत्र जारी किए गए हैं। वर्तमान में स्थिति यह है, कि सैकड़ों की तादात में लगाए गए पौधे मौके पर नहीं है।

प्रमाण पत्र में नहीं जनपद सीईओ और एसी के हस्ताक्षरः ग्राम पंचायतों में कार्य पूर्ण होने के बाद इंजीनियर द्वारा कार्य पूर्णताः प्रमाण पत्र जारी किया जाता है। जिसमें टीएस, एएस, कार्य की स्वीकृति लागत, स्वीकृत कार्य का स्तर सहित अनेक बातों का ध्यान रखा जाता है। इस कार्य पूर्णताः प्रमाण पत्र में उपयंत्री, सहायक यंजी, जनपद सीईओ, पंचायत के सरंपच और सचिव के हस्ताक्षर होते हैं। इसके बाद कार्य पूर्ण माना जाता है, लेकिन इंजीनियर मंदीप किरार द्वारा जारी किए सैकड़ों प्रमाण पत्र में सहायक यंत्री और जनपद सीईओ के हस्ताक्षर नहीं है।

निर्माण और पीएम आवास के भी प्रमाणपत्र फर्जीः टिमरनी विकासखंड के अंतर्गत आने वाली पंचायतों के कलस्टर इंजीनियर मंदीप किरार द्वारा पौधारोपण के फर्जी प्रमाण पत्रों के साथ-साथ पीएम आवास के तहत हितग्राहियों के दिए लाभ और निर्माण के अधूरे कार्यों के भी पूर्णतः प्रमाण पत्र जारी किए हैं, जबकि नियम के अनुसार कार्य पूर्णतः प्रमाण पत्र पर सभी के हस्ताक्षर नहीं होने पर कार्य अधूरा माना जाएगा।

कूटरचित दस्तावेज देने पर एफआइआर का प्रावधानः विधि विशेषज्ञ शेख अशफाक के अनुसार यदि कोई लोक सेवक जान बूझकर कूटरचित दस्तावेजों का निर्माण करता है तो उसके खिलाफ थाने में भारतीय दंड संहिता की धारा 167 के तहत एफआइआर दर्ज होने के प्रावधान दिए गए है। वहीं पंचायतों में पौधारोपण के नाम पर लाखों रुपये खर्च कर दिए गए हैं। नियम के अनुसार 25 फीसदी से कम पौधे जीवित रहने पर पंचायत के सचिव पर कार्रवाई करने का प्रावधान है।

कहां पर क्या स्थति

1. ग्राम पंचायत लाखादेह में एक लाख 21 हजार रुपये की लागत से पौधारोपण किया गया। जिसमें बिना इंजीनियर के कार्य पूर्णतः प्रमाण पत्र जारी किया गया। मौके पर पौधे नदारद।

2. ग्राम पंचायत चंद्रखाल में प्रधानमंत्री आवास निर्माण कार्य पूर्णतः प्रमाणपत्र जारी किया गया। जिसमें सिर्फ इंजीनियर मंदीप किरार के हस्ताक्षर हैं। बाकी सरपंच, सचिव, सीईओ के हस्ताक्षर नहीं हैं।

3. ग्राम कायदा में 2020 में 12 लाख 35 हजार की लागत से ग्रेवल मार्ग का निर्माण कार्य किया गया। जिसका पूर्णतः प्रमाण पत्र जारी किया गया। इस प्रमाण पत्र में तकनीकी, प्रशासनिक स्वीकृति का वर्णन नहीं किया गया। साथ ही सचिव - सरपंच के हस्ताक्षर भी नहीं है।

4. ग्राम पंचायत चंद्रखाल में इंजीनियर मंदीप किरार द्वारा 82 हजार रुपये के पौधारोपण का प्रमाण पत्र जारी किया गया। जिसमें सहायक यंत्री, जनपद सीईओ के हस्ताक्षर नहीं है। इस प्रकार सैकड़ों कार्यों में पूर्णतः प्रमाण पत्र जारी किए गए हैं, लेकिन हस्ताक्षर नहीं है।

वर्जन

कार्य पूर्णताः प्रमाण पत्र जारी करने के बाद सरपंच, सचिव, सहायक यंत्री, जनपद सीईओ की जावाबदारी रहती है। मेरे द्वारा जारी किए गए कार्य पूर्णतः प्रमाणपत्र में कोई कमी नहीं है।

मंदीप किरार, इंजीनियर जनपद टिमरनी

वर्जन

कार्य पूर्णतः प्रमाण पत्र में इंजीनियर की जवाबदारी रहती है, कि सभी कार्यों की अच्छे से जांच कर संपूर्ण जानकारी प्रमाण पत्र में अंकित करे। यदि इंजीनियर द्वारा फर्जी प्रमाण पत्र जारी किए गए हैं तो कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उनके द्वारा जारी किए गए संपूर्ण कार्यों की जांच भी की जाएगी, जिसमें उनके द्वारा कार्यपूर्णताः प्रमाण पत्र जारी किए गए हैं।

रामकुमार शर्मा, जिला पंचायत सीईओ

Posted By: Nai Dunia News Network

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