हरदा। नवदुनिया प्रतिनिधि

प्रदेश सहित जिले में अब तक फसल बीमा शुरू नहीं हो सका है। किसानों की खरीफ सीजन की फसल खराब होने पर बीमा क्लेम नहीं मिलेगा। गुरुवार को राजपत्र में नोटिफिकेशन प्रकाशित किया गया है। इस संबंध में 8 जुलाई को नोटिफकेशन की तैयारी की गई थी। फिलहाल स्कैन ऑफ फाइनेंस (ऋणमान) तय होना है। जबकि मध्यप्रदेश के पङोसी राज्य महाराष्ट्र, राजस्थान, छत्तीसगढ में किसानों के बैंक खातों से फसल बीमा का प्रीमियम काटने की अंतिम तारीख तक निकल चुकी है। इसके अलावा कर्नाटक राज्य में भी फसल बीमा की प्रक्रिया हो चुकी है। जबकि मध्यप्रदेश में बीमा करने के लिए बीमा कंपनी का चयन करने के लिए टेंडर प्रक्रिया भी पूरी नहीं हो सकी है। इसके अलावा जिले में कब से प्रधानमंत्री फसल बीमा के लिए बैंकों द्वारा कब से प्रीमियन काटा जाएगा। कब पोर्टल पर किसानों की एंट्री होगी। इसके बारे में भी अभी तय नहीं है।

स्कैल ऑफ फाइनेंस तय नहीं: प्रदेश सरकार ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत खरीफ सीजन की फसल का बीमा करने के लिए नोटिफिकेशन जारी किया गया है। लेकिन अब तक प्रति हेक्टेयर स्कैल ऑफ फाइनेंस (ऋणमान) निर्धारित नहीं किया गया है। बता दें कि स्कैल ऑफ फाइनेंस का दो फीसद किसानों बैंक खातों से प्रीमियम के रूप में काटा जाता है। पिछले साल जिले में सोयाबीन का स्कैल ऑफ फाइनेंस (ऋणमान) 35 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर था। इस वर्ष यह बढ़ने का अनुमान है।

यह में यह फसल का रकबाः कृषि विभाग के अनुसार जिले में इस वर्ष करीब 1 लाख 86 हजार 842 हेक्टेयर में खरीफ सीजन की बोवनी की गई है। इसमें सबसे ज्यादा 1 लाख 13 हजार हेक्टेयर में सोयाबीन बोई गई है। इसी प्रकार 7 हजार हेक्टेयर में धान, 19 हजार 700 हेक्टेयर में मक्का, 38 हजार 400 हेक्टेयर में उङद, 910 हेक्टेयर में मूंग की बोवनी की गई है। जबकि 2 हजार 325 हेक्टेयर में ज्वार की फसल लगाई है।

किसान उठा चुके नुकसानः पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष मानसून पहले आया गया। इसके कारण किसानों ने बोवनी भी कर दी। ऐसे में कई किसानों की बोवनी खराब हुई। इसके कारण उन्हें दोबारा बोवनी करनी पङी। सोयाबीन का बीज महंगा होने के कारण मूंग एवं उङद एवं धान की फसल बोई गई। किसानों को दोबारा बोवनी करने पर अतिरिक्त नुकसान का सामना करना पङा था। बीमा नहीं होने के कारण किसानों को लाभ नहीं मिल सका।

वर्जन

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत खरीफ सीजन की फसल का बीमा करने के लिए नोटिफिकेशन जारी हो चुका है। जल्द किसानों के खेतों में लगी फसल का बीमा करने के लिए प्रीमियम काटा जाएगा। इसके बाद पोर्टल पर एंट्री की जाएगी।

- कपिल बेङा, सहायक संचालक, कृषि, हरदा

Posted By: Nai Dunia News Network

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