खिरकिया। नवदुनिया न्यूज

कोरोना संक्रमण केा मात देकर लौटे उज्जैन के सेवानिवृत्त भू-अभिलेख निरीक्षक अब अपने हाथों से रामनाम लिखित भगवान की तस्वीर समाजजनों के गांव और घर-घर पहुंचकर भेंट कर रहे हैं। रिटायर भू-अभिलेख निरीक्षक देवीसिंह मीणा कोरोना वायरस से ग्रसित रहें। 54 दिन तक जिन्दगी और मौत से लड़ते रहे और अंत में उन्होंने कोरोना को मात दे कर एक नई जिंदगी शुरू की। अदभुत कलाकृति के गुणी श्री मीणा ने अपने हाथों से राम नाम लिखते हुए भगवान की तस्वीरें बनाना शुरू किया। लेकिन इस बार उन्होंने यह फैसला लिया कि भगवान ने उन्हे नई जिंदगी दी है, तो अब मीणा समाज के हर गांव में जाकर पति-पत्नी गांव के किसी एक प्रतिष्ठित व्यक्ति को उसके घर पहुंचकर अपने हाथों से बनाई हुई राम दरबार की तस्वीरें भेंट करेंगे। इसी कड़ी में उन्होंने छीपाबड़ में वार्ड नं 12 में केवलराम मीणा के निवास पर पहुंच कर राम दरबार की तस्वीर भेंट की। वहीं ग्राम बैड़िया में श्याम मीणा, शोभापूर में मंशाराम मीणा, चारूवा में राधेश्याम चांदा, पोखरनी में श्रीराम मीणा, बोरीसराय में दीपक मीणा को तस्वीर भेंट की है। देवीसिंह मीणा शुरू से हनुमान भक्त रहे हैं। अब तक वे सैकड़ों तस्वीरें रामनाम अंकित कर बना चुके है। स्वयं के पैसे खर्च कर तस्वीर बनाते हैं और उसे फ्रेमिंग कर समाजजनों को निश्शुल्क भेंट करते है।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2012 में उज्जैन में बाबा महाकाल की प्रथम सवारी के शुभ अवसर पर बाबा की सवारी में पालकी के पास कार्यपालिक दंडाधिकारी के दायित्व का निर्वहन करते हुए सेवा का अवसर मिला था उस समय बाबा महाकाल से संबंधित कृति का रामनाम से श्रृंगार करने का भाव उत्पन हुआ। उस समय पर प्रथम जो कृति बनी वह प्रेषित है। विगत 10 वर्षों में महाकाल से सम्बंधित अन्य कृतियां जो बनी वह ओर अब बन रही है। वह क्रमशः श्रावण सोमवार को प्रेषित करने का प्रयास का भाव है।

Posted By: Nai Dunia News Network

NaiDunia Local
NaiDunia Local