खिरकिया। नवदुनिया प्रतिनिधि

अमूमन पुलिस की छवि सख्त मानी जाती है। लेकिन नवरात्र के दौरान छीपाबड़ पुलिस का मानवीय चेहरा सामने आया है। टीआइ सुनील यादव के नेतृत्व में पुलिसकर्मियों ने शहर के वार्ड नं 10 में रहने वाले एक गरीब दिव्यांग व्यक्ति को नई ट्राइसिकल दी और उसकी 12 वर्षीय बेटी की महानवमीं के दिन गुरुवार को पुलिस थाने में बुलाकर कन्या पूजन कर उसे नए वस्त्र भेंट किए और उसकी पढ़ाई का खर्च उठाने का आश्वासन दिया। दरअसल नवरात्र की शुरुआत में पुलिस गश्त के दौरान टीआइ सुनील यादव, सब इंस्पेक्टर प्रियंका पाठक और कांस्टेबल शिवकुमारी की नजर सड़क पर एक पुरानी और क्षतिग्रस्त ट्राइसिकल पर बैलून बेच रहे एक दिव्यांग व्यक्ति पर पड़ी। उस ट्राइसिकल को उसकी 12 वर्षीय बेटी धकाकर चला रही थी।इस दृश्य को देखकर टीआइ का दिल पसीज आया। उन्होंने तत्काल उस व्यक्ति के पास पहुंचकर जानकारी ली, तो उस दिव्यांग राजेश तमोली ने बताया कि वह बहुत निर्धन व्यक्ति है।दिव्यांग होने की वजह से कोई अन्य कामकाज नहीं कर पाता।इसलिए ट्राइसिकल पर बैलून बेचकर गुजारा करता है। चूंकि ट्राइसिकल पुरानी और क्षतिग्रस्त हो गई है, इसलिए उसकी बेटी वैशाली उसे धक्का देकर चलवाती है। टीआइ को तब महसूस हुआ कि इस बालिका और उसके पिता की मदद कर नवरात्र और कन्यापूजन को सही अर्थों में सार्थक किया जा सकता है। उन्होंने थाने पहुंचकर स्टॉफ से चर्चा की। और तत्काल एएसआइ सुनील बघेल को इंदौर भेजकर एक नई ट्राइसिकल मंगवाई।

गुरुवार को दोनों पिता-पुत्री को थाने बुलवाकर सबसे पहले पुलिस स्टॉफ ने वैशाली का कन्यापूजन कर उसे नए वस्त्र भेंट किए और उसके दिव्यांग पिता को नई ट्रायसिकल भेंट की।इस दौरान टीआइ सुनील यादव, सब इंस्पेक्टर प्रियंका पाठक,एएसआइ सुनील बघेल, कौशल दीक्षित, कॉन्स्टेबल शिवकुमारी ने अपने अपने उदगार व्यक्त करते हुए बताया कि पुलिसिंग से इतर हटकर सामाजिक सहयोग, जरूरतमंदों की मदद जैसे नवाचारों से उन्हें आत्मिक शांति मिलती है। आज भी उन्हें उस सुख की अनुभूति हो रही है, जो पुलिस कार्य करने में कभी नहीं हुई। पुलिसकर्मियों ने कहा कि कन्यापूजन सही अर्थों में उन्होंने आज किया है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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