- 25 जून तक निजी स्कूलों में चलेगी प्रवेश प्रक्रिया।

हरदा। नवदुनिया प्रतिनिधि

शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत चयनित बच्चों का आवेदन पेरेन्ट्स 20 जून तक डाउनलोड कर सकते हैं। आरटीई के तहत आवेदन प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद अब एडमिशन की आगे की प्रक्रिया शुरू हो गई है। अधिकारियों ने बताया कि कमजोर वर्ग और वंचित समूह के बच्चों की निशुल्क प्रवेश प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए गैर अनुदान प्राप्त अशासकीय शालाओं में ऑनलाइन निशुल्क प्रवेश के लिए पंजीकृत आवेदनों के मूल दस्तावेजों से सत्यापन की कार्यवाही संकुल प्रभारी स्तर से सम्पन्न हो चुकी है। पेरेंट्स अब 12 से 20 जून तक पोर्टल से आवेदन पत्र डाउनलोड करके अशासकीय स्कूल के आवंटन के बाद 13 से 25 जून तक प्रवेश ले सकेंगे। बच्चों का स्कूलों में प्रवेश एवं प्राइवेट स्कूलों द्वारा बच्चों की पोर्टल पर रिपोर्ट दर्ज करना व प्रवेशित बच्चों का आधार सत्यापन 13 से 30 जून तक किया जाएगा।

चयनित बच्चों के पेरेंट्स को एसएमएस के द्वारा सूचना दी जा रही है। जिले में जितने भी आवेदन जमा हुए है। उन सबका एडमिशन तय है। सीट आवंटन लिस्ट में आवेदन करने वाले सभी बच्चों के नाम जारी किए जाएंगे। क्योंकि इस बार 64 फीसदी सीटों के लिए ही आवेदन जमा हुए है। सभी को एडमिशन देने के बाद भी जिले में आरटीई के नजी स्कूलों की 36 फीसदी सीटें रिक्त रह जाएंगी। पिछले वर्ष करीब 50 फीसदी सीटें रिक्त रह गई थीं। जिले में प्रचार-सार कम होने की वजह से आरटीई की आरक्षित सभी सीटों का लाभ गरीब व वंचित वर्ग के बच्चों को नहीं मिल पा रहा है।

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ई-दक्ष केंद्र में प्रशिक्षण के लिए विभागों से मांगे प्रस्ताव

हरदा। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा मैप आईटी के माध्यम से शासकीय अधिकारियों-कर्मचारियों के लिए ई-दक्ष केन्द्र संचालित किए जा रहे हैं। इन केंद्रों पर निरंतर प्रशिक्षण दिए जा रहे हैं। विभाग ने अन्य विभागों से अधिकारियों-कर्मचारियों को आईटी एवं ई-गवर्नेंस आधारित कार्य-प्रणाली में दक्ष बनाने के लिए वर्ष 2019-20 में संचालित प्रशिक्षण कार्यक्रमों में शामिल करने के लिए 30 जून तक प्रस्ताव मांगे हैं। प्रशिक्षण की विस्तृत जानकारी ई-दक्ष पोर्टल पर उपलब्ध है। मैप आईटी द्वारा राज्य स्तर पर विभिन्न विभागों के सफल प्रशिक्षण किए गए हैं। इनमें ई-पंजीयन, शिक्षा विभाग, एकीकृत बाल विकास, वाणिज्यिक कर विभाग, सामान्य प्रशासन, राजस्व, लोक निर्माण, नगरीय प्रशासन, जन-जातीय, कृषि विभाग और सीएम हेल्पलाइन प्रमुख हैं। मैप आईटी ने विधानसभा सदस्यों के लिए भी प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया है। प्रशिक्षण कार्यक्रम के संबंध में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग से सीधे संपर्क कर जानकारी प्राप्त की जा सकती है।

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