होशंगाबाद। ड्राइवर वीरू उर्फ वीरेंद्र पचौरी की हत्या कर शव के टुकड़े करने के आरोप में होशंगाबाद सेंट्रल जेल में बंद डॉ. सुनील मंत्री अब वहां अन्य कैदियों का उपचार करना चाहता है। उसने जेल प्रबंधन के सामने इच्छा जताई है कि समय काटने के लिए उसे कैदियों का परीक्षण और उपचार करने की अनुमति दी जाए, लेकिन जेल प्रबंधन इस डॉक्टर की मनोदशा को देखते हुए कोई रिस्क नहीं लेना चाहता। इसलिए उसे इस तरह की अनुमति फिलहाल नहीं दी गई है।

उल्लेखनीय है कि डॉ. सुनील मंत्री ने गिरफ्तारी के बाद कोतवाली में मानसिक रोगियों जैसा बर्ताव किया था। अब सेंट्रल जेल में बंद डॉ. मंत्री के व्यवहार में काफी बदलाव नजर आ रहा है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार रात में वह देर तक जागता रहता है, लेकिन अब जेल के नियमों के हिसाब से सुबह समय पर उठ रहा है। सोमवार को जहां डॉ. मंत्री दिन भर चुपचाप रहा था। वहीं मंगलवार को वह बातचीत करने लगा।

उसने जेलकर्मियों के अलावा बैरक के अन्य कैदियों से भी सामान्य तरीके से बातचीत की। उसके स्वास्थ्य की जांच करने आए डॉक्टर से उसने हालचाल पूछे। इसके बाद उसने मंशा जताई कि वह जेल के कैदियों का उपचार करना चाहता है, ताकि उसका समय कट सके । हालांकि जेल प्रबंधन इसकी उसे अनुमति शायद ही दे।

पत्नी की फेसबुक आईडी खंगाल रही पुलिस

इधर, वीरू हत्याकांड की जांच में जुटी पुलिस अब डॉ. सुनील मंत्री की दिवंगत पत्नी सुषमा की फेसबुक आईडी खंगाल रही है। पुलिस का मानना है कि अधिकांश लोग सोशल मीडिया पर अपनी भावनाएं पोस्ट कर देते हैं। हो सकता है कि सुषमा ने भी मृत्यु से पहले इस तरह की कोई पोस्ट की हो। पुलिस को पता चला है कि सुषमा की दो फेसबुक आईडी थीं। इसके अलावा पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी सुषमा की डेथ रिकार्ड की जांच कर रही है।

मामले की जांच की जा रही है

वीरु हत्याकांड को लेकर सभी जरूरी तथ्य जुटाए जा रहे हैं। डॉ. सुनील मंत्री की पत्नी सुषमा की फेसबुक आईडी के जरिए भी कुछ जानकारियां विशेष की मदद से जुटा रहे हैं। हत्याकांड से जुड़ी कड़ियों को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। डेथ रिकार्ड की जांच वरिष्ठ अधिकारी कर रहे हैं।

-मोहन सारवान, एसडीओपी, होशंगाबाद

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