होशंगाबाद। दर्दनाक मौत किसे कहते हैं, ये खबर पढ़कर आपको अंदाजा लग जाएगा। मध्य प्रदेश के होशंगाबाद जिले में हैवानियत का ऐसे ही एक मामला सामने आया है। जहां एक हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉक्टर सुनील मंत्री( Hoshangabad Murder) ने अपने ड्राइवर वीरेंद्र पचौरी को ऐसी मौत दी कि किसी की भी रुह कांप जाएगी।

ड्राइवर की धमकी से तंग आकर उठाया खौफनाक कदम

इटारसी के सरकारी अस्पताल में पदस्थ हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. सुनील मंत्री (52 वर्ष) को पुलिस ने ड्राइवर की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बताया कि डॉ. मंत्री को ड्राइवर वीरेंद्र पचौरी उर्फ वीरू (30 ) अपनी पत्नी के साथ अवैध संबंध के नाम पर बदनाम करने की धमकी दिया करता था। इसी के डर से डॉक्टर ने वीरू को 3 फरवरी को अपना ड्राइवर रख लिया था। इसके बाद भी वह लगातार डॉक्टर को धमका रहा था। तंग आकर डॉक्टर ने वीरू की हत्या कर दी और शव के टुकड़े कर गलाने के लिए एसिड से भरे ड्रम में डाल दिए थे। पुलिस ने आरोपित को शव के टुकड़े करते मंगलवार दोपहर रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। डॉक्टर की पत्नी का एक साल पहले निधन हो चुका है।

पुलिस पहुंची तो आरी से शव के टुकड़े करते मिला

पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) केसी जैन के मुताबिक मंगलवार को एक मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस आनंदनगर स्थित डॉ. मंत्री के घर दोपहर करीब 12 बजे पहुंची तो डॉ. सुनील मंत्री बाथरूम में आरी से वीरेंद्र के शव के टुकड़े करते हुए मिला। साथ ही पुलिस को घर में एसिड से भरा ड्रम भी मिला, जिसमें शव के टुकड़े पड़े हुए थे। इसके अलावा बाथरूम में एक अन्य टब में शव के कई टुकड़े मिले हैं। पुलिस के अनुसार शव के 12 टुकड़े बरामद हुए हैं। फोरेसिंक विशेषज्ञ भी जांच के लिए पहुंचे है।

तंग आकर नौकरी पर रखा था

आईजी ने बताया कि डॉ. मंत्री की पत्नी सुषमा मंत्री बुटिक चलाती थीं। उनकी एक साल पहले मौत हो गई थी। उनकी बुटिक में वीरेंद्र पचौरी की पत्नी रानी भी काम करती थी। सुषमा की मौत के बाद भी रानी का डॉ. मंत्री के घर आना-जाना था। इसके चलते वीरू को शक था कि डॉ. मंत्री से उसकी पत्नी के अवैध संबंध हैं। डॉक्टर ने वीरू की धमकियों से तंग आकर ही उसे 16 हजार रुपए मासिक वेतन पर ड्राइवरी के लिए रख लिया था।

आईजी के मुताबिक, सोमवार शाम वीरू ने डॉ. मंत्री से कहा कि उसके दांत में दर्द है। इसके बाद डॉ. मंत्री ने उसे बेहोशी का इंजेक्शन लगाया और घसीटकर बाथरूम में ले गया। वहां सीजर नाइफ (ऑपरेशन करने वाले चाकू) से उसका गला काटा और कुछ देर उसे तड़पते देखता भी रहा। इसके बाद आरी से वीरू के शव के टुकड़े करने लगा। डॉक्टर जब शव के टुकड़े करते-करते थक गया तो कमरे में जाकर सो गया।

मंगलवार सुबह डॉ. मंत्री ने खून सने कपड़े बाबई रोड पर फेंके। इसके बाद इटारसी अस्पताल में ड्यूटी भी की। घर आकर फिर शव के टुकड़े करने लगा, लेकिन इसी बीच पुलिस ने दबोच लिया।

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