होशंगाबाद। ड्राइवर वीरू उर्फ वीरेंद्र पचौरी की हत्या कर शव के टुकड़े करने वाले आरोपित डॉ. सुनील मंत्री ने पुलिस रिमांड में एक और राजफाश किया है। डॉक्टर ने बताया कि उसे एक ठेकेदार से चेक बाउंस के केस में 5.45 लाख रुपए मिलना थे। जिन पर वीरू की नजर थी। शनिवार को रिमांड खत्म होने के बाद डॉक्टर को जेल भेज दिया गया। जेल जाने से पहले वह फूट फूटकर रोया। इधर, स्वास्थ्य विभाग के संचालक डॉ. जे. विजय कुमार ने डॉ. सुनील मंत्री का निलंबन आदेश जारी कर दिया।

पुलिस के मुताबिक, डॉ. सुनील मंत्री ने शहर के एक बड़े ठेकेदार को वर्ष 2012 में 9 लाख रुपए उधार दिए थे। राशि लौटाने के लिए ठेके दार ने डॉक्टर को 5.20 लाख रुपए का चेक दिया था, जो बाउंस हो गया। जिस पर डॉक्टर ने ठेकेदार के खिलाफ कोर्ट में केस लगाया था। सात जनवरी 2017 को कोर्ट ने ठेकेदार को आदेश दिए थे कि वह डॉक्टर को ब्याज सहित पांच लाख 45 हजार रुपए चुकाए, लेकिन अब तक ठेकेदार ने राशि नहीं दी थी। इसकी अगली पेशी 15 फरवरी 2019 को होनी है। इस बात की जानकारी ड्राइवर वीरू को थी और वह यह राशि हड़पना चाह रहा था।

जेल जाने से पहले रोया

तीन दिन की रिमांड अवधि खत्म होने के बाद पुलिस ने आरोपित डॉ. सुनील मंत्री को कोर्ट में पेश किया। जहां से उसे जेल भेजने के आदेश हुए। जेल जाने से पहले वह फूट फूटकर रोया। सेंट्रल जेल पहुंचते ही उसने जेलकर्मियों को नमस्ते किया। फिर बैरक के एक कोने में बैठ गया। उसकी बैरक के पास अतिरिक्त जेलकर्मी तैनात किए गए हैं। जरूरी दवाएं भी वहां उपलब्ध करा दी गई हैं।

जरूरत पड़ी तो दोबारा रिमांड पर लेंगे

आरोपित डॉ. सुनील मंत्री को कोर्ट के आदेश पर सेंट्रल जेल भेज दिया है। हमारे पास 90 दिन का समय है। इस दौरान साक्ष्य एकत्र कि ए जाएंगे। निर्धारित समयसीमा में चार्जशीट दाखिल कर दी जाएगी। जरूरत पड़ी तो आरोपित को दोबारा रिमांड पर लिया जाएगा- मोहन सारवान, एसडीओपी, होशंगाबाद

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