समस्याः रोड, नाली और लाइट की सुविधा तक नहीं, लोग होते हैं परेशान

ज 16 की लीड

18 एचओएस-8

केप्शन-इटारसी। खेड़ा स्थित कब्रिस्तान जहां नगर पालिका ने किसी तरह के काम नहीं कराए।

इटारसी। आदिवासी विकासखंड केसला की कई ग्राम पंचायतों में अंतिम संस्कार के लिए मुक्तिधाम शेड न होने से ग्रामीणों को परेशानी होती है। कहीं खुले मैदान में शवदाह होता है तो कहीं कच्चे चबूतरे पर शव जलाना पड़ता है। किसी भी पंचायत में सुविधायुक्त मुक्तिधाम नहीं हैं। विकासखंड के कई वनग्रामों में वन विभाग की अनुमति न मिलने के कारण शवदाह के लिए शेड नहीं बनाए जा सकते, जबकि इन गांवों के आसपास बसाहट हो चुकी है। जिन पंचायतों में मुक्तिधाम हैं उनके पास मरम्मत या साफ-सफाई का कोई बजट नहीं दिया जाता।

शहरी क्षेत्र में मुस्लिम और क्रिश्चियन समुदाय के कब्रिस्तान भी बदहाली का शिकार हैं। आबादी बढ़ने की वजह से यहां नई कब्र खोदने की जगह नहीं बची। नियमानुसार नगर पालिका को इसका इंतजाम करना है। खेड़ा कब्रिस्तान समिति अध्यक्ष अथर खान बताते हैं कि यहां बारिश में हर साल नाले की वजह से मिट्टी का कटाव होता है, इससे कब्र बह जाती है। नपा को कई बार इसकी शिकायत कर कब्रिस्तान के लिए नई जगह देने को कहा गया है। इसी तरह क्रिश्चियन समुदाय के कब्रिस्तान के आसपास भी जगह नहीं बची। रात में यहां अंधेरा रहता है।

फैक्ट फाइल

शहर में आबादी 1. 25 लाख।

कुल ग्राम पंचायतें 49

कब्रिस्तान 05

मुक्तिधाम 02

शहर में चार कब्रिस्तान

शहर में मुस्लिम समाज के चार कब्रिस्तान खेड़ा, पीपल मोहल्ला, नाला मोहल्ला एवं यार्ड में हैं। हिंदू समुदाय के दो मुक्तिधाम न्यूयार्ड एवं खेड़ा पर हैं। खेड़ा स्थित मुक्तिधाम का विकास शांतिधाम जनभागीदारी समिति के माध्यम से हुआ। इसे आइएसओ अवार्ड मिल चुका है। समिति के कार्यकारी सदस्य प्रमोद पगारे के अनुसार सामाजिक संगठनों ने इसे प्रदेश का माडल मुक्तिधाम बनाया है।

वर्जन

केसला विकासखंड में शामिल राजस्व गांवों में मुक्तिधाम बनाए गए हैं, लेकिन वन विभाग की सीमा में शामिल पंचायतों में निर्माण की अनुमति नहीं मिलती। वन विभाग कहता है कि वन्य क्षेत्र में मुक्तिधाम नहीं बनाए जा सकते, इस वजह से काम नहीं हो सका।

वंदना कैथल, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद केसला।

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खेड़ा कब्रिस्तान में लाइट, साफ-सफाई, बाउंड्रीवाल एवं रोड के लिए कई बार नपा अधिकारियों को बोला गया लेकिन, कोई काम नहीं हुआ। बेसहारा एवं गरीब परिवारों में मौत होने पर सारी सुविधा हम देते हैं। जेटपंप एवं कमरे भी कमेटी ने अपने खर्च पर

कराया। पीपल मोहल्ला कब्रिस्तान में तो जगह ही नहीं बची।

अथर खान, जिलाध्यक्ष वक्फ बोर्ड कमेटी।

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मुक्तिधाम एवं कब्रिस्तानों की जो समस्या है, उसकी जानकारी लेकर कमेटियों से बात करेंगे। जल्द ही यहां सभी काम कराए जाएंगे।

हेमेश्वरी पटले, सीएमओ।

फोटो नेमण्ण्18 आईटी 1

इटारसी। खेड़ा स्थित कब्रिस्तान जहां नगर पालिका ने किसी तरह के काम नहीं कराए।

फोटो नेम18 आईटी 02

इटारसी। न्यूयार्ड स्थित मुक्तिधाम भी बदहाली का शिकार है।

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