होशंगाबाद। लैब्राडोर डॉग के मालिकाना हक को लेकर मचा विवाद अभी थमा नहीं है। डीएनए मिलान के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि डॉग किसका है। फिलहाल डॉग को कृतिक शिवहरे को देखरेख के लिए दे दिया गया है। दरअसल कृतिक का आरोप था कि उसकी गैर हाजिरी में डॉग को उसके घर से लाया गया है। इसकी शिकायत उसने पुलिस के आला अधिकारियों से कर दी थी। विवाद बढ़ता देख देहात थाना प्रभारी ने शादाब से डॉग लेकर कृतिक को दिया है। डीएनए रिपोर्ट आने के बाद डॉग के पिता की सही जानकारी सामने आ सकेगी जिससे यह तय हो सकेगा कि डॉग का असल मालिक कौन है। शदाब खान का कहना है कि उसने डॉग पचमढ़ी से लिया था वहीं कृतिक का दावा है कि उसने डॉग इटारसी से लिया था। विवाद को शांत कराने के लिए लैब्राडोर डॉग का सेंपल लिया साथ ही पचमढ़ी के डॉग का भी सैंपल लिया गया है। सोमवार को डीएनए के लिए ड्राफ्ट तैयार करने की प्रक्रिया की जाएगी। मामले को लेकर मेनका गांधी भी रेंज आइजी से बात करने वालीं थी, लेकिन किन्हीं कारणों के चलते उनकी बात नहीं हो सकी। आइजी जेएस कुशवाह ने बताया कि उनके पास कोई फोन नहीं आया है।

तीस हजार रुपये का आएगा खर्च

शादाब खान का कहना है कि वह डॉग के डीएनए मिलान में आने वाले खर्च को उठाने के लिए तैयार है। तीस हजार रुपये का खर्च हैदराबाद सैंपल भेजने में आ रहा हे यह खर्च वही उठाएगा। हालांकि शदाब का कहना है कि अपने डॉग को पाने के लिए हवाई यात्रा का खर्च भी वह उठा सकता है। कृतिक शिवहरे का कहना है कि पुलिस मामले की जांच कर रही है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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