नर्मदापुरम(होशंगाबाद), नवदुनिया प्रतिनिधि।

फोरलेन से ग्राम रायपुर को नहीं जोड़ने को लेकर ग्राम वासियों ने शुक्रवार को जमकर प्रदर्शन किया। सैकड़ों ग्रामीण करीब आधे घंटे तक फोरलेन पर खड़े रहे और जमा लगा दिया।ग्रामीणों के प्रदर्शन करने की जानकारी लगने के बाद प्रशासनिक हल्के में हलचल मच गई। एनएचआइ और एमपीआरडीसी के आला अधिकारियों ने का प्रदर्शन कर रहे लोगों को उचित कदम उठाए जाने का आश्वासन दिया है। अधिकारियों से आश्वासन मिलने के बाद प्रदर्शन को फिलहाल दो दिन के लिए टाल दिया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि फोरलेन को बनाने के दौरान कई बातें का ध्यान रखा ही नहीं गया है। यदि बाढ़ के हालात बनते हैं तो ऐसे में गांव पानी से घिर जाएगा और यहां से निकलना मुश्किल हो जाएगा। ग्रामीणों ने अधिकारियों को अल्टीमेटम दिया है कि दो दिन के भीतर यह बताया जाए कि किस तरह से गांव को जोड़ा जाएगा।

तीन गांवों के लोगों को होगी परेशानी

स्थानी रहवासी शिवराज चंद्रौल ने बताया कि मुख्यालय से सबसे करीब में ग्राम रायपुर है यह गांव बड़े गांव में से एक है। मानसून समय पर आ गया है ऐसे में यदि बारिश ज्यादा होती है तो बाढ़ के हालत बन जाएंगे। ग्राम रायपुर, घानाबढ़ और बांद्राभान चारों ओर से पानी से घिर जाता है। बचने के लिए यही एक मुख्य मार्ग है और इसपर भी अगर कनेक्टिविटी नही रही तो इससे ग्रामीणों का जीवन संकट में आ जाएगा।

दो दिन बाद करेंगे आंदोलन

गांव के रामभरोस गौर, सुखराम गौर ने बताया निर्माता कंपनी के अधिकारियों ने दो दिन में काम करने का आश्वासन दिया है। जिसके कारण कुछ ही देर जाम किया गया था, अभिषेक पटेल ने बताया कि पर आज का जाम स्थगित कर दिया। अभिषेक पटेल ने बताया कि कंपनी ने यदि तय समय मे काम नही किया तो कंपनी का कामरोको आंदोलन किया जाएगा। इस अवसर पर विनोद पटेल, हरिशंकर गौर, मनोज गौर, अभिषेक पटेल, वसीम खान, प्रकाश पासी, राजेश मलैया, गुरदयाल कहार, सोनू पटेल, राजकुमार कहार, समेत अनेक ग्रामीण युवा उपस्थित रहे।

बाढ़ की संभावना से घबरा रहे ग्रामीण

शिवराज चंद्रौल ने बताया कि वर्ष 2019 व 2020 में बाढ़ का पानी गांव में घुस गया था। ऐसे में गांव से निकलने के लिए एक मात्र रास्ता भी नहीं बचा था। यदि फोरलेन से संपर्क कर दिया जाता है तो फिर बाढ़ के दौरान लोग बच सकेंगे और प्रशासन को भी राहत पहुंचाने में आसानी होगी। पिछले कई साल से मार्ग का एक हिस्सा गांव से जोड़ने के लिए मांग की जा रही है, लेकिन कोई ध्यान नहीं दे रहा है। यदि तवा और नर्मदा नदी का बढ़ता है तो सबसे ज्यादा नुकसान रायपुर गांव को होगा।

कई जगहों से हो गया कटाव

स्थानीय रहवासियों ने बताया कि नर्मदा और तवा नदी के तेज बहाव के कारण कई जगहों से कटाव हो गया है। ऐसे में स्थिति और गंभीर बनी हुइ है। वर्ष 2020 में स्थानीय अधिकारियों ने निरीक्षण कर कटाव को रोकने के लिए कदम उठाने की बात कही थी, लेकिन इस ओर ध्यान ही नहीं दिया गया है। हालात यह हो गई है कि बांद्राभान रोड पर भी कई जगहों से मिट्टी सड़क के पास ही हट गई है वहीं रायपुर मार्ग में भी कई जगहों पर दरारें आ चुकी हैं। स्थानीय अधिकारियों ने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया था, लेकिन इसके बाद भी कदम नहीं उठाए गए।

प्रयास किए जा रहे हैं

स्थानीय लोगों को किसी तरह की परेशानी ना हो इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं। एप्रोच रोड को बनाने की मांग की जा रही है। कंपनी के आला अधिकारियों से भी चर्चा की गई है। जल्द ही इस समस्या का समाधान निकाल लिया जाएगा।

- शैलेंद्र बडोनिया, तहसीलदार, नर्मदापुरम

Posted By: Nai Dunia News Network

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