नर्मदापुरम(होशंगाबाद) नवदुनिया प्रतिनिधि

जैसे-तैसे मेरे बेटे सुनील राजपूत को दैनिक वेतन भोगी के पद पर नगर पालिका में कार्य मिला था। नगर पालिका में उसे जो कार्य दिया जा रहा था उसने ईमानदारी और लगन से किया है। दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी बहुत छोटा कर्मचारी होता है वह कच्चे में अपनी नौकरी डर-डर कर करता है। सहाब लोग जो कहते हैं उसे करना पड़ता है। नगर पालिका के सहायक यंत्री,उप यंत्री समय पाल और भी अनेक अधिकारियों के पास अलग-अलग कार्य करता रहा। जैसे ही पीएम आवास योजना आई उसे इस कार्य में लगाया गया। इस कार्य को भी उसने अपने वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में लगन से किया है। इसके बाद गलती कोई करे और दोषी मेरे बेटे को करार दिया जाकर उसके खिलाफ थाने में शिकायत की गई। इस तरह की गलत कार्रवाई के कारण मेरे बेटे को नौकरी से निलंबित कर दिया जो दोषी अधिकारी हैं वे मौज कर रहे हैं। कार्रवाई तो उन पर होना चाहिए थी। यह मांग नपा के दैवेभो कर्मचारी सुनील राजपूत की मां सुशीला राजपूत ने एसपी और कलेक्टर को लिखित शिकायत करते हुए बताई है।

उन्होंने कलेक्टर,एसपी से मांग की है। दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी की क्या बिसात कि वह बड़े अधिकारियों के रहते कुछ गड़बड़ कर सके। गडबड़ उसके अधिकारियों के द्वारा किया गया होगा। बचने के बेटे को फंसाने की कोशिश की गई है। लेकिन सत्य परेशान हो सकता है पराजित नहीं। इसलिए सत्य की जांच की जाकर वास्तविक दोषी अधिकारियों के गिरेवान पकड़कर उन्हें कड़ी सजा दी जानी चाहिए। तभी मुझे संतोष मिलेगा। सुनील को कोई फाइल रखने तथा हस्ताक्षर के अधिकार नहीं थे। पूरे कार्य संबंधित प्रभारी अधिकारियो के द्वारा किए गए। संबंधितों की ही अलमारी में फाइल रहती थी। फिर भी उनके द्वारा मनगणंत कहानी बनाकर थाने में शिकायत की गई है। मां ने अपने बेटे को फिर से नौकरी पर बहाल करते हुए दोषियों पर कार्रवाई करने की मांग की है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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