बलराम शर्मा, नर्मदापुरम (होशंगाबाद)

नर्मदापुरम संभाग में उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने की बात सिर्फ दिखावा साबित हो रही है। इस वर्ष जून में स्क्रूटनी कमेटी नई दिल्ली के द्वारा मप्र में सिर्फ होशंगाबाद जिले की पालीटेक्निक कॉलेज में चार नए पाठ्रयक्रम की अनुमति प्रदान की गई थी। जिससे नर्मदापुरम संभाग के 240 विद्यार्थियों को इसी सत्र से नवीन पाठ्रयक्रम में इंजीनियरिंग की पढ़ाई का मौका मिलने की उम्मीद जागी थी। कोरोना काल के कारण बिना एमपी पीपीटी परीक्षा के ही सिर्फ कक्षा 10 की अंकसूची की प्रावीण्य सूची के आधार पर प्रवेश दिया जाना था। जिससे विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए महानगरों में जाने से बचत हो जाती। लेकिन उच्च शिक्षा तकनीकी संस्थान के द्वारा स्टाफ का बहाना बनाकर स्वीकृति के बाद भी नवीन कोर्स शुरू नहीं किए गए। जिससे क्षेत्र के सैंकड़ों विद्यार्थियों को बड़ा नुकसान हुआ है। जिले में 12 कॉलेज संचालित हो रहे हैं, जो प्रभारी और अतिथियों के भरोसे चल रहे हैं। ऐसा ही नए पाठ्यक्रमों में भी किया जा सकता था।

25 वर्षों से हो रही थी मांगः वर्ष 1996 से संभाग मुख्यालय पर पालीटेक्निक कॉलेज में कोर्स बढ़ाने की मांग की जा रही थी। पिछले 5-6 वर्षों से तो हर वर्ष प्रस्ताव बन कर जा रहा था, लेकिन स्वीकृति नहीं मिल पा रही थी। अब इस वर्ष स्वीकृति मिलने से विद्यार्थियों में हर्ष था। इसी के साथ कॉलेज के भवन का भी विस्तार 8 करोड़ 26 लाख की लागत से होना था।

240 विद्यार्थियों को मिलता सीधा लाभः पालीटेक्निक कॉलेज में जो चार नए पाठ्यक्रम शुरू होने वाले थे उनमें पहला कम्प्यूटर सांइस, दूसरा मेकेनिकल, तीसरा इलेक्ट्रीकल्स और चौथा सिविल इंजीननिर्स को शामिल किया गया था। इन सभी में 60-60 सीट उपलब्ध रहती। इस प्रकार 240 विद्यार्थी पहले ही वर्ष से लाभांवित होना शुरू हो जाते।

बाहर भेजने में बना हुआ डर : कोरोना काल में बाहर पढ़ाई के दौरान कई विद्यार्थी दूसरे शहरों में अटक गए थे। उनका आना मुश्किल हो रहा था। इस कारण शहर में ही चार कोर्स की सुविधा से खुशी की लहर व्याप्त हो गई थी। क्योंकि बीते दिनों की याद कर पालक व विद्यार्थी बाहर जाने में डर बना हुआ है। कोर्स शुरू हो जाते तो क्षेत्र के विद्यार्थियों को यहीं पर प्रवेश मिल जाता।

4 करोड़ से बना है कॉलेजः पालीटेक्निक कॉलेज का भवन 4 करोड़ की लागत से बना हुआ है। नए कोर्स की शुरूआत होने पर इंजीनियरिंग कक्षाओं के लिए भवन के विस्तार की जरूरत को देखते हुए परिसर की रिक्त भूमि पर दूसरा भवन 8 करोड़ 26 लाख की लागत से बनाने का प्रस्ताव भी प्राचार्य के माध्यम से बनाया गया है।

तकनीकी रूप से विकसित होता संभागः इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए चार पाठ्रयक्रमों की स्वीकृति मिलने से नर्मदापुरम संभाग तकनीकी रूप से और विकसित हो जाता। जिससे औद्योगिक विकास भी गति पकड़ता। लेकिन शासन, स्तर पर रुचि नहीं लेने के कारण क्षेत्र के विद्यार्थी लाभ से बंचित रह गए हैं। अब आने वाले समय में स्वीकृति मिलती है या नहीं कुछ नहीं कहा जा सकता। एक अच्छा मौका हाथ से चला गया।

वर्जन

पालीटेक्निक कॉलेज में नई दिल्ली की स्क्रूटनी कमेटी ने वर्षों पुरानी मांग को स्वीकृति प्रदान करते हुए चार नए पाठ्यक्रम की सुविधा शुरू करने की अनुमति दे दी थी। इसी सत्र से शुरू होना था। कक्षा 10 वीं पास को इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए प्रवेश दिया जाना था, लेकिन स्टाफ की कमी के कारण संभव नहीं हो सका।

आरआर,चंद्राकर, प्राचार्य पालीटेकनिक कॉलेज नर्मदापुरम

Posted By: Nai Dunia News Network

NaiDunia Local
NaiDunia Local