नर्मदापुरम (होशंगाबाद) नवदुनिया प्रतिनिधि

सूरज के चारों ओर घूमती हुई पृथ्वी का झुकाव साल में दो बार ऐसी स्थिति लाता है जब सूरज आकाश में 12 घंटे दिखता हैं। यही अवसर 28 सितम्बर को 24 घंटे के दिवस में सूरज 12 घंटे की ड्यूटी करेगा। बाकी के 12 घंटे में वीनस, जुपिटर मून, और तारे अलग-अलग समय के लिए आकाश में अपनी उपस्थिति देंगे। यह जानकारी नेशनल अवार्ड प्राप्त विज्ञान प्रसारक सारिका घारू ने देते हुए कहा कि सोशल मीडिया एवं अनेक वेबसाइट में दिन-रात बराबर होने की घटना को 20 मार्च इक्वीनॉक्स और 23 सितम्बर इक्वीनॉक्स से जोड़कर बताया जाता है। जबकि यह तथ्य पूरी तरह सत्य नहीं है। इक्वीनॉक्स का खगोलीय महत्व यह है कि इसमें सूर्य ठीक पूर्व दिशा से उदय और पश्चिम में अस्त होता है। इक्वीनॉक्स में दिन और रात लगभग बराबर होते हैं। पूरी तरह बराबर नहीं। दिन और रात बराबर होने की घटना इसके कुछ दिन पहले या बाद में होती है। सारिका ने बताया कि पृथ्वी के अपने अक्ष पर साढ़े तेईस अंश झुके होकर सूर्य की परिक्रमा करने के कारण पृथ्वी के अलग-अलग भागों पर सूर्य की किरणों का कोण साल में हर दिन अलग-अलग होता है। इससे दिन की अवधि बढ़ती या घटती रहती है।

उन्होंने कहा कि मंगलवार को उदित या अस्त होते सूर्य देखिए जरूर, क्योंकि बुधवार से 15 मार्च 2022 तक हर दिन सूर्य की आकाश में ड्यूटी 12 घंटे से कम ही रहेगी इससे रातें लंबी और दिन छोटे रहेंगे।

नगर सूर्यादय सूर्यास्त दिन की अवधि

छिंदवाड़ा 6ः04 18ः04 12 घंटे

:00 मिनट 05 सेकंड

होशंगाबाद 6ः09 18ः09 11घंटे

:59 मिनट 53 सेकंड

भोपाल 6ः11 18ः10 11घंटे

:59 मिनट 44 सेकंड

रायसेन 6ः09 18ः09 11घंटे

:59 मिनट 42 सेकंड

सीहोर 6ः12 18ः12 11घंटे

:59 मिनट 45 सेकंड

भोपाल 6ः11 18ः10 11घंटे

:59 मिनट 44 सेकंड

Posted By: Nai Dunia News Network

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