Vivek Sagar Prasad नर्मदापुरम (होशंगाबाद), नवदुनिया प्रतिनिधि। टोक्‍यो ओलिंपिक में कांस्‍य पदक विजेता भारतीय हाकी टीम के सदस्‍य और मप्र के लाड़ले सपूत विवेक सागर का शनिवार सुबह में आगमन हुआ। वे दिल्‍ली से एयर इंडिया की फ्लाइट से भोपाल आए और इसके बाद उन्‍होंने नवदुनिया के स्‍थानीय कार्यालय में भी कुछ वक्‍त विताया। इसके उपरांत वे सड़क मार्ग से होशंगाबाद के लिए रवाना हुए। विवेक सागर सुबह तकरीबन 10 बजे शहर की सीमा में दाखिल हुए। यहां पहुंचते ही खेल संगठनों के पदाधिकारियों और खिलाड़ियों ने उनका आत्‍मीय स्वागत किया। विवेक को खुली जीप से शहर का भ्रमण कराया गया।

ओलिंपियन विवेक सागर का स्वागत करने के लिए शहर उमड़ पड़ा। कैम्पियन स्कूल चौराहा, चक्कर रोड, मीनाक्षी चौक समेत जगह-जगह उनका भव्य स्वागत किया गया। खुली जीप में सवार विवेक ने लोगों का अभिवादन स्वीकार किया। हाथ मे ओलिंपिक पदक थामे विवेक ने विजय चिन्ह दिखाते हुए लोगों से मुलाकात की। नर्मदा महाविद्यालय में उनके सम्‍मान में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में विवेक के साथ-साथ उनके कोच गजेंद्र पटेल का भी सम्मान किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए होशंगाबाद विधायक डॉ सीताशरण शर्मा ने कहा कि आप शिखर पर पहुंच गए, अब जिम्मेदारी है कि नए खिलाड़ियों को भी निखारें। कार्यक्रम को सोहागपुर विधायक विजय पाल ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर विवेक ने नवोदित खिलाड़ियों को मेहनत करने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि अपना लक्ष्य निर्धारित करें। आत्‍म-अनुशासन और मेहनत से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। इस अवसर पर विवेक ने रोहित फौजदार को अपने दस्‍तखत वाली हॉकी भेंट की।

सीआइएसएफ ने भी किया सम्‍मानित

प्रतिभूति कागज कारखाना की सुरक्षा में तैनात केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल द्वारा विवेक सागर का स्वागत किया गया। कार्यक्रम में चीफ जनरल मैनेजर दुर्गेशपति तिवारी, सीआईएसएफ कमांडेंट वैभव दुबे मौजूद रहे। कमांडेंट ने बताया कि सीआइएसएफ द्वारा पूरे देश मे जहां जहां भी हॉकी खिलाड़ी हैं, उन्हें सम्मानित किया जा रहा है। विवेक ने कार्यक्रम की शुरुआत में कहा कि फौजियों को सलाम करते हुए कहा कि हमे तो कई चांस मिल जाते हैं, लेकिन आपको तो सिर्फ एक चांस मिलता है। खेल खेलने से अनुशासन की भावना आती है। विवेक ने जवानों का ताली बजाकर अभिननदन किया। विवेक ने कहा कि मैं सीआइएसएफ जवानों के साथ समय व्यतीत करना चाहता हूं। विवेक को सीआइएसएफ व मिल प्रबंधन की ओर से स्मृतिचिन्ह भेंट किया गया।

Posted By: Ravindra Soni

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