नर्मदापुरम (नवदुनिया प्रतिनिधि)।

महंगाई की मार से सबसे ज्यादा मध्यमवर्गीय परिवार परेशान है। लगातार हर वस्तु पर महंगाई बढ़ती जा रही है। जिससे लोगों के घर का बजट बिगड़ गया है। हालात ऐसे हैं कि एक वर्ष के भीतर दाल, चावल, तेल, चाय पत्ती, दूध, साबुन, वाशिग पाउडर हर सामान पर 10 से 30 फीसद तक महंगे हो चुके हैं। होते ही जा रहे हैं सरकार का महंगाई पर नियंत्रण बेकाबू हो गया है। जिस तुलना में आय नहीं है उससे कई गुना ज्यादा खर्च हो रहा है। इसी कारण घर का बजट गड़बड़ा रहा है।

रोजमर्रा की वस्तुएं हो गई मंहगी

एक वर्ष में रसोई का बजट बुरी तरह बिगड़ गया है। खाद्य तेल हो या दाल, सब्जी सभी के दामों में तेजी आई है। मध्यमवर्गीय परिवार एवं निम्न आय वर्ग के परिवारों को हर दिन परेशानी उठानी पड़ रही है। परिवार भले ही कई कटौती कर लें, लेकिन आवश्यक जरूरतों की वस्तुओं में कटौती नहीं की जा सकती। दाल, खाद्य तेल, साबुन, चाय शक्कर ऐसी वस्तुएं हैं जिनकी हर घर में हर दिन जरूरत है। इन वस्तुओं का कोई विकल्प नहीं दिखाई देता।

व्यापारी भी मजबूर

सामग्री का विक्रय करने वाले व्यापारी भी मजबूर हैं। जैसे किराना व्यापारी वंशी नवलानी सहित कई दुकानदारों का कहना है कि एक महीने में बढ़ी महंगाई के कारण ग्राहक कम आ रहे हैं। कम वस्तुएं खरीद कर काम चला रहे हैं। कपड़ा व्यापारी राजू जैन कह रहे हैं कि महंगाई की रफ्तार ने गरीब और मध्यमवर्ग का बजट बिगाड़ दिया है।

आम नागरिकों की पीड़ा

गृहणी राधा रावत ने बताया कि आम नागरिक महंगाई की चक्की में पिस रहा है। खाने पीने से लेकर पहनने ओढ़ने तक, यहीं नहीं सिर छिपाने तक की चिंता लोगों को सता रही है।

दूसरी गृहणी सीमा श्रीवास का कहना है कि सरकार को मंहगाई पर नियंत्रण करना चाहिए। रसोई गैस, डीजल, पेट्रोल के दाम लगातार बढ़ते जा रहे हैं। ऐसे में गरीब की थाली कैसे भरी रहेगी। क्योंकि सब्जी कम खरीदी जा रही है कटोरे में दाल कम पानी ज्यादा दिख रहा है। जिस घर में एक आदमी कमाने वाला है। उस घर का बजट पूरी तरह गड़बड़ा गया है।

आवास संबंधी सामग्री

बीते वर्ष आवास संबधी आवश्यक सामग्री के दाम कम थे इस बार सभी सामग्री के दाम तेजी से बड़े हैं जैसे सीमेंट 310 रुपये की बोरी थी जो अब 380 रुपये तक की हो गई। वहीं सरिया पहले 56 रुपये किलो था अब 80 के भाव बिक रहा है। इसके अलावा अन्य सभी तरह की ग्रह निर्माण सामग्री पर दोगुने तक भाव बढ़ चुके हैं।

कम कर दिया बजन

चाहे साबुन के दाम ही ले लिए जाएं एक वर्ष पहले जो 10 का का साबुन 57 ग्राम का आता था। वह अब वजन 43 ग्राम कर दिया है। रेट वही 10 रुपये है। ऐसा अनेक वस्तुओं के वजन के साथ किया जा रहा है। वहीं बच्चों के बिस्किट के दाम भी वही लेकिन 20 ग्राम बजन कम कर दिया है। इसी तरह अन्य सामग्री के बजन कम करके दाम बढ़ा जा रहे हैं।

महंगाई पर एक नजर प्रति किलो के दाम

सामान............2021.....2022

तेल..........100........150

आटा..........25...........35

डालडा.......80.....180

आलू........08....10.....30

प्याज.....30.........30

शक्कर.......35.......40

तुअर दाल....80......120

दूध.........50.........65

वर्जन-

हर वस्तु हमें ही मंहगे दाम पर मिल रही है। क्या करें डीजल पेट्रोल सहित अन्य सामग्री के दाम बढ़ते जा रहे हैं जिसका असर एक दूसरी वस्तु पर पड़ते हैं। जरूरत की वस्तु तो नागरिकों को लेनी ही पड़ती है। शासन स्तर से डीजल पेट्रोल पर नियंत्रण करना चाहिए।

महेंद्र चौकसे, अध्यक्ष किराना व्यापारी संघ

Posted By: Nai Dunia News Network

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