होशंगाबाद-पिपरिया। पचमढ़ी में हुई रायपुर के व्यापारी कपिल कक्कड़ की हत्या के दोनों आरोपितों को पुलिस ने सोमवार को पिपरिया न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। इस मामले में पुलिस आरोपितों के साथ वीआईपी ट्रीटमेंट करती नजर आई। हत्या के दोनों आरोपितों को रिमांड पर नहीं लिया गया।

न्यायालय में पेशी के दौरान भी लॉकअप में भेजने के बजाए एक कक्ष में करीब 20 से 25 मिनट तक खड़ा रखा गया। रायपुर के युवा कारोबारी कपिल कक्कड़ की हत्या के आरोपित हरसिमरन उर्फ हनी सिंह व उसके लखनऊ निवासी गनमैन धर्मपाल सिंह पर पचमढ़ी पुलिस की जमकर मेहरबानी रही।

सबसे खास बात तो यह रही कि पचमढ़ी थाने से पिपरिया लाने के दौरान दो पुलिसकर्मियों के बीच में हनी को बैठाया गया था। इस दौरान उसके हाथ में हथकड़ी नहीं थी, जबकि पुलिस वाहन के पीछे की सीट पर बैठे धर्मपाल के हाथ में हथकड़ी लगी हुई थी। आरोपितों को जैसे ही कोर्ट परिसर में लाया गया लोगों की भीड़ लग गई थी। तभी पुलिस ने हनी के हाथ में हथकड़ी लगा दी और न्यायालय में पेश किया।

जज ने आरोपितों को लॉकअप में भेजने के दिए आदेश, पुलिस कक्ष में लेकर पहुंची

हत्या के दोनों आरोपितों को जेएमएफसी फिरोज अख्तर के सामने पेश किया गया, उन्होंने दोनों को लॉकअप में भेजने के आदेश पुलिस कर्मियों को दिए। जज के आदेश के बावजूद पुलिसकर्मी आरोपितों को लॉकअप भेजने के बजाए कु छ ही दूर पर स्थित एक कक्ष में ले जाकर खड़े हो गए। जैसे ही आरोपितों को दोबारा पेश कि या गया तो उन्हें जेल भेजने के आदेश दे दिए गए।

पुलिस यदि आरोपितों की रिमांड लेती तो इन बातों का होता खुलासा

- पुलिस अब तक उस रिवाल्वर या पिस्टल के लायसेंस की जांच नहीं कर सकी है, जिससे कपिल की हत्या की गई है।

- हत्या में प्रयुक्त हथियार धर्मपाल का बताया जा रहा है, जो कि एक्स सर्विसमैन है, लेकि न यह जारी कहां से कि या गया इसकी जानकारी संबंधित जिले से नहीं ली।

- पुलिस ने आरोपितों की गिरफ्तारी तामिया से होना बताई है, ऐसी स्थिति में पुलिस को ट्रांजिट रिमांड नियम का पालन करना था। आरोपितों को तामिया में ही एसडीएम या तहसीलदार के सामने पेश कि या जाना था, लेकि न ऐसा नहीं कि या गया। आरोपितों को सीधे पचमढ़ी लेकर आया गया, जहां गिरफ्तारी प्रक्रिया की गई, वरिष्ठ अधिवक्ता के मुताबिक सीधे तौर पर आरोपितों को राहत देने के लिए ऐसा कि या गया है।

जांच कर रहे हैं

आरोपितों को न्यायालय में पेश कि या गया है जहां उसे उन्हें जेल भेज दिया गया है। आरोपितों को कि सी तरह का कोई वीआईपी ट्रीटमेंट नहीं दिया है। रिमांड की जरूरत नहीं थी इसलिए नहीं लिया। मामले की जांच की जा रही है, जो भी तथ्य सामने आएंगे उनके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

- एमएल छारी, एसपी

आरोपितों की रिमांड लेना बेहद जरुरी था

हत्या के आरोपितों को न्यायालय में पेश करने के साथ ही पुलिस को रिमांड मांगा जाना था, लेकि न पुलिस ने ऐसा नहीं कि या। पुलिस द्वारा आरोपितों को रिमांड पर ना लिया जाना ही कई संदेह पैदा करता है। पुलिस आरोपितों की गिरफ्तारी तामिया में करनी बताई है, ऐसे में ट्रांजिट रिमांड नियम का भी पालन गिरफ्तारी के दौरान नहीं कि या गया है।

- राजीव दुबे, वरिष्ठ अधिवक्ता, उपाध्यक्ष अधिवक्ता संघ