सेंटर फोटो 3 खिरकिया। कौशल विकास केंद्र। फाइल फोटो

खिरकिया। नवदुनिया न्यूज

विद्यार्थियों एवं बेरोजगार युवाओं को तकनीकी शिक्षा देकर रोजगार उपलब्ध कराने के लिए आईटीआई की स्थापना वर्षों बाद भी नहीं हो सकी है। वहीं दूसरी ओर मिनी आईटीआई की तर्ज पर खोले गए कौशल विकास केंद्र को भी बंद कर दिया गया है। इसके चलते खिरकिया जैसी तहसील में तकनीकी शिक्षा की सुविधाएं विद्यार्थियों को नहीं मिल पा रही है। आईटीआई संस्था खोले जाने के लिए नगर में वर्षों पहले भूमि आवंटित भी की जा चुकी है। लेकिन अभी तक आईटीआई की स्वीकृति नगर को नहीं मिल पायी है। ऐसे में भूमि भी अनुपयोगी साबित हो रही है। विद्यार्थियों को औद्योगिक पाठ्यक्रम का ज्ञान देकर रोजगार से जोड़ने के लिए नगर में आईटीआई खोले जाने के लिए कई बार कवायद की गई। तकनीकी शिक्षा एवं प्रशिक्षण विभाग द्वारा औघौगिक प्रशिक्षण संस्था आईटीआई का निर्माण कराया जाना है। नगर में इस संस्था का निर्माण भी प्रस्तावित है, लेकिन अब विभाग इसे भूल गया। विभाग द्वारा जमीन आवंटन कराने तक अपनी गतिविधियां दिखाई लेकिन उसके बाद अपने कर्तव्यों की इतिश्री कर ली है। विभागीय निर्देशों के अभाव में यह केंद्र प्रारंभ नहीं हो पा रहा है।

आठ साल से आवंटित भूमि, अब तक नहीं खुली संस्था

आईटीआई के लिए शासकीय भूमि खसरा नं. 270 रकबा 1.817 हेक्टेयर का चयन किया गया है। इसमें आईटीआई खोलने के लिए 1.214 हेक्टेयर भूमि भवन के लिए आवंटित की गई है। आईटीआई के लिए जमीन का आवंटन तो 8 वर्ष पूर्व कर दिया गया है, लेकिन इसके क्रियांवयन की कोई प्रक्रिया नहीं की गई है। भूमि के लिए वर्ष 2009-10 में कलेक्टर द्वारा तकनीकी शिक्षा एवं प्रशिक्षण विभाग मप्र शासन को पत्र भी लिखा गया था जिसमें जमीन आवंटन राजस्व विभाग द्वारा स्वीकृत की गई है। इस पत्र में तीन से पांच एकड; भूमि आरक्षित रखने की बात कही थी। यह भी कहा गया आवंटित भूमि का उपयोग आबंटन के अनुसार नहीं किए जाने पर भूमि राजस्व विभाग को पुनः वापसी की जाएगी।

बिना सूचना बंद किया कौशल विकास केंद्र

विद्यार्थियों को आईटीआई की तर्ज पर विभिन्न ट्रेडों का प्रशिक्षण कौशल विकास केंद्र में दिया जा रहा था। लेकिन अब इस केंद्र को भी बिना किसी सूचना के बंद कर दिया गया है। केंद्र पर ताला लगा हुआ है। विद्यार्थी प्रवेश के लिए केंद्र में पहुंचते है, लेकिन उन्हें वहां उन्हें ताला लगा मिलता है। विगत कई माह से यह केंद्र बंद पडा हुआ है। इस केंद्र से इलेक्ट्रिक बेसिक, कम्प्यूटर फंडामेंटल, बेसिक प्लम्बर आदि का प्रशिक्षण दिया जाता था। प्रशिक्षण के पश्चात विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र भी दिए जाते थे।

अन्य शहरों पर आश्रित विद्यार्थी

जमीन आवंटन के बाद भी आईटीआई प्रारंभ नही हो पाने से स्थानीय विद्यार्थियों को हरदा, रहटगांव, खंडवा सहित अन्य शहरों पर आश्रित रहना पड; रहा है। वहीं निजी आईटीआई संस्थाओं में मोटी रकम अदाकर प्रशिक्षण प्राप्त करना पड़ रहा है। वहीं कौशल विकास केंद्र से प्राप्त प्रमाण पत्र शासकीय नौकरियों सहित समूचे देश मे मान्य होता है, लेकिन इसका भी लाभ अब विद्यार्थियों को नहीं मिल रहा है।

जानकारी लेंगे

आईटीआई संस्था की स्थापना को लेकर विभागीय अधिकारियों से जानकारी ली जाएगी। इस संबंध मे आवश्यक निर्देश दिए जाएंगे।

वीपी यादव, एसडीएम, खिरकिया

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सेंटर फोटो 4 सोडलपुर। हंसावती नदी इस प्रकार उफान पर है। नवदुनिया

तेज बारिश बंद कर दिया रहटगांव - सोडलपुर मार्ग

सोडलपुर। आफत की बारिश से आम जनजीवन अस्त व्यस्त हो रहा है अब हो रही बारिश लोगों के लिए मुसीबत लेकर आ रही है। लोगों को घर से निकलना मुश्किल हो रहा है साथ ही मुसाफिरों को भी बड़ी परेशानी हो रही है क्योंकि ग्राम की मुख्य हनसावती नदी के पुल के ऊपर तेज बारिश के चलते फिर पानी आ गया जिससे कई घंटे का समय बीत जाने के बाद भी पुल के ऊपर 3 फीट तक पानी था जिससे आम जनजीवन और आवागमन पूरी तरह बाधित रहा। ग्राम की हंसआवती नदी में पुल के ऊपर पानी होने के बावजूद भी लोग जान जोखिम में डालकर यहां से निकलते हुए देखे गए यहां पर किसी भी प्रकार से रोक तो करने वाला प्रशासनिक या पंचायत स्तर से कोई भी व्यक्ति नहीं था। इस प्रकार की लापरवाही से हैं गंभीर दुर्घटना हो सकती है। रहटगांव से हरदा तथा हरदा से रहटगांव व अन्य दूरस्थ वन ग्रामों में जाने वाली बस सेवाएं पूरी तरह बाधित रही जिससे आवागमन करने वाले यात्रियों की बड़ी फजीहत रही साथ ही आम जनजीवन परेशानी भरा रहा॥

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सेंटर फोटो 5 हंडिया। लगातार बारिश ने नर्मदा में बढ़ रहा पानी। नवदुनिया

जलस्तर बढ़ने पर प्रशासन ने कराई मुनादी

हंडिया। तहसील क्षेत्र में पिछले 8 दिनों से हो रही झमाझम बारिश के चलते हुए हंडिया की निचली बस्ती में फिर से पानी भर आने की संभावना बनी हुई है। इसी को ध्यान में रखते हुए तहसीलदार डॉ अर्चना शर्मा द्वारा निकली बस्ती वाले मोहल्ले में मुनादी कराई गई और उनके ठहरने की व्यवस्था हाईवे ट्रीट और धर्मशाला में की गई है। नर्मदा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है।

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