नर्मदापुरम, नवदुनिया प्रतिनिधि। जिले में लगातार वर्षा से नर्मदा, तवा सहित अन्य सहायक नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है। नर्मदा खतरे के निशान 964 से महज एक फीट यानि 963 का आंकड़ा छू रही है। देर रात तक नर्मदा का जल स्तर खतरे का निशान पार करने की संभावना है। जिले में लगातार हो रही भारी वर्षा व तवा, बारना एवं बरगी जलाशय से पानी छोड़े जाने से प्रशासनिक अमला अलर्ट पर है।

निचली बस्तियों की सतत निगरानी करने के निर्देश कलेक्टर नीरज सिंह ने सभी एसडीएमए सीएमओ एवं जनपद सीईओ सहित सभी संबंधित अधिकारियों को दिए हैं। सोमवार शाम कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक सेठानी घाट पहुंचे व जलस्तर का जायजा लिया। रात 9.30 बजे नर्मदा का जलस्तर 962.50 फीट दर्ज किया गया है। बाढ़ की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन ने राहत शिविर भी बनाए गए हैं। संजय नगर, आदमगढ़, भीलपुरा, बीटीआई सहित अन्य इलाकों में जल जमाव होने से कई घरों में पानी घुस गया। खतरे को देखते हुए एसडीआरएफ व होमगार्ड की टीमें तैनात कर दी गई है।

ग्वालटोली व महिमा नगर पहुंचे

कलेक्टर एवं एसपी नर्मदपुरम नगर के निचले इलाके ग्वालटोली एवं महिमानगर भी पहुंचे। उन्होंने एसडीएम एवं सीएमओ को निर्देशित किया कि जलभराव की स्थिति निर्मित होने पर तत्काल इन क्षेत्र के रहवासियों को राहत पुनर्वास केंद्र में शिफ्ट किया जाए। नगर में चिन्हित राहत पुनर्वास केंद्रों पर चाक.चौबंद व्यवस्था रहे इसका विशेष ध्यान रखा जाए। ताकि बरगी बांध का पानी सेठानी घाट पहुंचने तक तवा एवं बारना डैम के जलस्तर को नियंत्रण में रखा जा सके।

बाढ़ आपदा नियंत्रण के लिए जिला प्रशासन ने की सभी तैयारियां

सभी संवेदनशील क्षेत्रों में पांच पांच होमगार्ड बल की डिस्ट्रिक्ट रिस्पांस टीम तैनात कर दी गई हैं। जिला स्तरीय कंट्रोल रूम से निगरानी रखी जा रही है। जिला स्तरीय कंट्रोल रूम से की जा रही सतत निगरानी रखी जा रही है। बाढ़ आपदा की स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन द्वारा सभी आवश्यक तैयारियां की गई हैं। सभी संवेदनशील क्षेत्र जहां पिछले 5 वर्षों में बाढ़ आई है वहां बाढ़ सुरक्षा समिति बनाने के साथ ही पांच पांच होमगार्ड बल के 15 डिस्ट्रिक्ट रिस्पांस टीम भी तैनात की गई है। यह रिस्पांस टीम ऐसे संबंधित थानों में आवश्यक सुरक्षा सामग्री के साथ मौजूद है।

जिला स्तर पर बनाया कंट्रोल रूम

जिला स्तर पर कलेक्ट्रेट कार्यालय में कंट्रोल रूम बनाया गया है जिसका दूरभाष क्रमांक 07574-251292 है, जो 24 घंटे राउंड द क्लाक सक्रिय हैं। जो सभी तहसीलों में बनाए गए बाढ़ कंट्रोल रूम से जानकारी एकत्र करने के साथ ही बल्लभ भवन भोपाल में स्थित राज्य स्तरीय सिचुएशन रूप से संपर्क में हैं।

माखननगर व पिपरिया के गांव होंगे प्रभावित

बरगी बांध जलाशय से पानी छोड़े जाने पर जिले के माखननगर एवं पिपरिया तहसील जबकि बरगी एवं तवा जलाशय में पानी छोड़े जाने से नर्मदापुरम क्षेत्र प्रभावित होता है। बरगी बांध का पानी पिपरिया के सांडिया घाट पर 26 से 30 घंटे में पहुंचता है जबकि नर्मदापुरम के सेठानी घाट पर इसे पहुंचने में 35 से 42 घंटे लगते हैं। तीनों जलाशयों से एक साथ पानी छोड़ने से बाढ़ का खतरा और बढ़ जाता है। जिसके लिए तीनों जिले के जिला प्रशासन, जल संसाधन विभाग एवं संबंधित अधिकारियों का ग्रुप भी बनाया गया है। साथ ही सतत संपर्क एवं आपसी समन्वय से जलाशयों का पानी इस प्रकार छोड़ा जाता है कि बाढ़ की स्थिति निर्मित ना हो।

इन स्थानों पर तैनात है डिस्ट्रिक्ट रिस्पांस टीम

बाढ़ की स्थिति पर त्वरित आवश्यक कार्रवाई के लिए 15 डिस्ट्रिक्ट रिस्पांस टीम बनाई गई है। प्रत्येक टीम में पांच पांच होमगार्ड के सैनिक शामिल हैं। यह टीम उमरधा, सांडिया, सोहागपुर, माखननगर, तवानगर, बांद्राभान, सेठानी घाट, पाहनवरी, आंवली घाट, डोलरिया पापनगांव, महिमानगर क्षेत्र में तैनात हैं। इसके अतिरिक्त तहसील पिपरिया, सोहागपुर माखननगरए नर्मदापुरम और सिवनी मालवा में बाढ़ सुरक्षा समिति भी बनाई गई है। जिसके लिए संबंधित तहसीलदार को प्रभारी नियुक्त किया गया है। जिनके द्वारा बाढ़ की स्थिति की निरंतर निगरानी की जा रही है।

राहत पुनर्वास केंद्रों पर की गई समुचित व्यवस्थाएं

बाढ़ की स्थिति पर त्वरित राहत एवं बचाव कार्य के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। साथ ही सभी तहसीलों में राहत पुनर्वास केंद्र बनाए गए हैं जहां राशन एवं चिकित्सा की भी व्यवस्था की गई हैं। नर्मदापुरम में नर्मदा महाविद्यालय, एसएनजी स्कूल, साधुवानी ग्वालटोली, शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय, एसपीएम, मालाखेड़ी प्राथमिक शाला, नालंदा स्कूल, साहू समाज धर्मशाला आदि राहत पुनर्वास केंद्र बनाए गए हैं।

नर्मदापुरम के यह क्षेत्र होते हैं प्रभावित

नर्मदापुरम के सेठानी घाट में मां नर्मदा का जलस्तर 967 फीट से अधिक होने पर नगर की निचली बस्तियों में जलभराव की स्थिति निर्मित होती है जिसमें शनिश्चरा वार्डए भीलपुरा, लेडिया नाला जगदीशपुरा क्षेत्र शामिल है। 970 फीट से अधिक जलस्तर होने पर नगर के आजमगढ़, संजय नगर, ग्वालटोली, बंगाली कालोनी फेफरताल, बीटीआई रोड, एसपीएम, नारायण नगर क्षेत्र जलभराव से प्रभावित होते हैं ।

सुरक्षित स्थानों पर रहेए जिला प्रशासन की अपील

तवा बांध एवं बरगी बांध से पानी छोड़े जाने के चलते नर्मदा नदी का जल स्तर बढ़ सकता हैं। जिला प्रशासन ने नर्मदा नदी के तटीय इलाकों के रहवासियों से घाटों और डूब में आने वाले क्षेत्रों में प्रवेश न करने तथा सुरक्षित दूरी बनाये रखने के लिए कहा है।

बरगी बांध के 13 गेट खोले गये

रानी अवंती बाई लोधी सागर परियोजना बरगी के जल स्तर को नियंत्रित करने आज रविवार की दोपहर 3 बजे बरगी बांध के 21 में से 13 स्पिल वे गेट को औसतन 1.60 मीटर की ऊंचाई तक खोल दिया गया है । इन जल द्वारों के माध्यम से करीब 1 लाख 06 हजार क्यूसेक ;घन फुट प्रति सेकेंडद्ध पानी की निकासी की जा रही है। कार्यपालन यंत्री ने बांध के जलद्वारों से पानी की निकासी से निचले क्षेत्र में नर्मदा नदी के घाटों पर जलस्तर बढ़ेगा।

हर स्थिति पर नजर रख रहे

जिले में 24 घंटे से निरंतर हो रही वर्षा के चलते जिले के तवा सहित रायसेन के बारना एवं जबलपुर के बरगी जलाशय से पानी छोड़ा जा रहा है। बरगी जलाशय का पानी सेठानी घाट पहुंचने पर लगभग 36 घंटे का समय लगता है। सेठानी घाट पर जल स्तर नियंत्रण करने के लिए वर्तमान में तवा एवं बारना डैम का पानी निकाला जा रहा हैं। बाढ़ से निपटने के लिए सभी आवश्यक इंतजाम किए गए हैं।

- नीरज सिंह, कलेक्टर, नर्मदापुरम

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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