टिमरनी। नवदुनिया न्यूज

विकासखंड स्तरीय गुणवत्ता सुधार मीटिंग शुक्रवार को शिक्षा गुणवत्ता संबंधी बैठक का आयोजन किया गया। जिसमें बूस्टर डोज हिंदी एवं गणित विषय के दो दो कालखंड लगाया जाए मैप इन लर्नंिग आउटकम्स एवं दक्षता उन्नयन की वर्क बुक टीचर हैंडबुक शिक्षक मार्गदर्शिका सभी शिक्षकों के पास हो एवं दक्षता उन्नयन की वर्क बुक सभी बधो से कराई जाएं। उसकी नियमित जांच करें एवं गलतियों को सुधार करें जो स्वर्ण पदक में है उन्हें स्वर्ण पदक अपना स्थान बनाए रखना है। रजत पदक वाली शाखाएं स्वर्ण पदक स्थान बनाने की कोशिश करें एवं 30 कम दर्ज संख्या वाली शालाओं का 90 प्रतिशत दक्षता होना अनिवार्य है। सभी शाला में स्वर्ण पदक में लाने हेतु प्रयास करना है वाल आप फ्रेम पर एवं पीएलसी पर शिक्षकों का पंजीयन एवं वीडियो अपलोड करना साथ ही साथ हिंदी ओलंपियाड गणित ओलंपियाड मेरिट कम मींस एवं नवोदय विद्यालय के फॉर्म अधिक से अधिक संख्या में बनवाने के निर्देश दिए गए। बैठक में उपसंचालक जेएल मेहर सहायक संचालक पराडकर संयुक्त संयुक्त संचालक होशंगाबाद डॉ आर एस तिवारी जिला परियोजना समन्वयक हरदा विवेक शर्मा सहायक परियोजना समन्वयक विकास अशोक कुमार यादव खंड शिक्षा अधिकारी भागवत कटारे बीआरसी टिमरनी एवं समस्त बी ए सी बी जी सी एमआर सी एवं समस्त जन शिक्षक बैठक में उपस्थित थे।

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नॉलेज पब्लिक स्कूल की हैंडबाल टीम के खिलाड़ियों का हुआ चयन

सेंटर फोटो 10 टिमरनी। खिलाड़ियों का हुआ चयन। वि.

टिमरनी। नवदुनिया प्रतिनिधि

नॉलेज पब्लिक स्कूल की हैंडबाल टीम के खिलाड़ियों का हुआ। राज्य स्तर के लिए चयन। स्पोर्ट कोच जितेंद्र जाट ने बताया कि स्कूल की हैण्डबाल टीम विगत दिनों होशंगाबाद में हुई संभागीय हैण्डबाल प्रतियोगिता में टीम ने हिस्सा लिया। इस प्रतियोगिता में विद्यालय की टीम ने शानदार प्रदर्शन किया जिसमें विद्यालय के साथ खिलाड़ियों का राज्य स्तर पर चयन हुआ। इनमें प्रियंका गौर पलक राजपूत यशस्वी रात्रे सोमिल पटेल मितुल पटेल माही पाटिल प्रियांशी गुर्जर आदि का चयन हुआ। यह सभी खिलाड़ी आगामी शिवपुरी में राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में हिस्सा लेंगे यह सभी विद्यालय के स्पोर्ट को जितेंद्र जाट के नेतृत्व व मार्गदर्शन में हैंडबॉल की प्रैक्टिस कर रहे हैं। इस अवसर पर नॉलेज पब्लिक स्कूल संचालक अंकुश अग्रवाल संचालिका चंचल अग्रवाल तथा प्राचार्य अनिल अहिरवार जिला खेल अधिकारी रामनिवास जाट तथा युवा खेल एवं कल्याण विभाग के कोच विकाश पांडे आदि ने खिलाड़ियों के चयन पर हर्ष जताया तथा उनके उज्जावल भविष्य की कामना की।

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सेंटर फोटो 6 टिमरनी। खेतों का निरीक्षण करने पहुंचे। वि.

मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरण कर खेतों का किया निरीक्षण

टिमरनी। नवदुनिया प्रतिनिधि

मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरण एवं जागरूकता अभियान के अंतर्गत ग्राम बड़वानी में किसान संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के माध्यम से किसानों को कृषि वैज्ञानिकों के दल ने विभिन्न तकनीकी ज्ञान मैं मिट्टी के नमूने से लेकर मिट्टी के कार्ड का उपयोग तथा किस प्रकार संतुलित उर्वरक का प्रयोग कर किसान कम खर्च में अधिक लाभ प्राप्त कर सकता है। इसके बारे में जानकारी प्रदान की गई। मुख्यमंत्री का संदेश किसानों के नाम का वाचन कर कार्यक्रम की शुरुआत गिरीश मालवीय द्वारा की गई। डॉ श्रीचंद्र जाट द्वारा किसानों को विभिन्न तकनीकी जानकारी के साथ स्वच्छता सर्वेक्षण में भाग लेकर टोल फ्री नंबर द्वारा अपना मत प्रयोग करना एवं ऐप द्वारा सर्वेक्षण में भाग लेने के लिए किसानों को बताया। बच्चों के भोजन में पोषक तत्वों का किसान भाइयों द्वारा उत्पादन जैविक खेती के माध्यम से बढ़ाया जा सकता है। जिससे कि गांव के बच्चों को उचित पोषण एवं गुणवत्ता युक्त भोजन प्राप्त होता है। इस बारे में किसान भाइयों से जैविक खेती करने के लिए प्रेरित किया क्षेत्रीय ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी मुकेश गर्ग द्वारा सभी ग्रामीणों का आभार व्यक्त किया गया। इस दौरान गांव के मक्का के खेतों का निरीक्षण वैज्ञानिक द्वारा किया गया एवं किसानों को उपयुक्त सलाह प्रदान की गई। इस दौरान किसान गोपी किशन मनोहर बुद्घू राधेलाल गोरेलाल प्यार सिंह राजेश मोहन आदि उपस्थित रहे।

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आराधना वह धर्म है, जो निर्जरा का साधन हैः अतिशय मुनिजी

खिरकिया। नगर में चातुर्मास के लिए विराजित श्वेताम्बर जैन संत श्री दिलीप मुनिजी मसा ने शुक्रवार को धर्मसभा को संबोधित करते हुए कहा कि जिनेश्वर भगवान की वाणी बार बार सुननी पड़ती है। जीव इस साधना के मार्ग में कभी उपर जाता है, कभी नीचे आता हे। हम जो आहार करते है, उससे शरीर में सात साधु बनती है। क्या यह बात हमें मान्य है। भगवान ने चार गति बतायी, पर हमने तो दो ही देखी, यह शेष दो गति नरक और देव हमने देखी ही नही। यहां हम जितनी भी आराधना करते है, उसका विशिष्ट फल भोगने की गति देवगति है। जहां कम से कम आयुष्य 10 हजार वर्ष तथा उत्कृष्ट 33 सागरोपम बतायी है। पर इस भव में अगर जीव ने आराधना नही की किया तो इससे पाप बंधे उनको भोगने का स्थान नरक है। इस अवसर पर अतिशय मुनिजी मसा ने कहा कि हमें संसार के राग को कम करना पड़ेगा। इसके लिए दो मार्ग है। पहला श्रेय कल्याणकारी मार्ग दूसरा प्रेय संसार में फंसाने वाला मार्ग है। देवगति में जाने के 4 कारणों में सराग संयम भी एक कारण है। विशिष्ट पुण्य के उदय से देवगति तथा विशिष्ट पाप के उदय का फल नरक गति है। साधु की गति देवगति है, पर साधुपना पुण्य अर्जन कर्म निर्जरा का साधन है। धर्म व पुण्य दोनो भिन्न है। आराधना वह धर्म है, जो निर्जरा का साधन है। हमने भी आज तक पुण्य से पुण्य को बांधा है तभी तो हम संसार में भटक रहे है, अगर हम संवर से पुण्य बांधे तो वह हमारे भवभ्रमण को मिटाने वाला होता है।

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