नर्मदापुरम। बीते दिनों हुई मानसूनी वर्षा के बाद तेज धूप का असर बना हुआ है। धूप निकलने पर जमीन से जो भाप के साथ उमस उत्पन्ना हो रही है उससे लोग गर्मी के कारण परेशान होने लगे हैं। आषाढ़ का महिना का महिना विदा लेने की तैयारी में है। वहीं अब जुलाई के साथ ही अगले पखवाडे के बाद श्रावण का महिना शुरू होने वाला है। जुलाई शुरू होते ही एक पखवाडे बाद श्रावण शुरू हो जाएगा। लेकिन गर्मी का असर कम होने का नाम नहीं ले रहा है। इसकी मुख्य वजह बारिश के बाद धूप का निकलना मानी जा रही है। धूप के साथ उमस से लोग त्रस्त होने लगे हैं। क्योंकि गर्मी का असर कम होने की बजाय बढ़ता ही जा रहा है। इस मौसम में जहां बारिश के साथ ठंडक हो जाती थी। लेकिन इस समय बैशाख जैसी गर्मी बनी हुई है। गर्मी के लगातार असर बने रहने से लोगों में मौसमी बीमारी लौट- लौटकर परेशान कर रही है। इन दिनों सिर दर्द, बदन दर्द, मौसमी बीमारी खांसी सर्दी जुकाम के साथ ही बुखार के मरीज और उल्टी दस्त सहित पेट दर्द के मरीजों में इजाफा हो रहा है। जिला अस्पताल सहित शहर के अन्य सभी क्लिनिकों में मरीजों की संख्या बढ़ रही है। मरीज और उनके परिजन लाइन में लग लग कर थक रहे हैं। डा एसके पुरोहित ने बताया कि इस मौसम में तेज धूप से बचना चाहिए। उन्होने कहा कि पानी अधिक से अधिक पीते रहे क्योंकि बार- बार पसीना निकलने से पानी की कमी होने से भी बीमार होने की संभावना बन रही है। सिर को को ढक कर रखें।

तापमान हुआ कम,उसम से लोग परेशान

नर्मदापुरम। मानसून कहीं भटक गया है। जिसके जल्दी लौटने की संभावना मौसम विभाग बता रहा है। रविवार को तापमान कम हुआ लेकिन गर्मी और उमस कम होने का नाम नहीं ले रही है। अधिकतम तापमान दो डिग्री कम होकर 36.2 पर आ गया। इसके बाद भी दोपहर में तेज धूप व उमस के साथ गर्मी का असर बरककरार रहा है। शनिवार को अधिकतम तापमान 38 डिग्री दर्ज हुआ था। वहीं न्यूनतम 26.4 से बढ़कर 28.2 दर्ज हुआ है। पचमढ़ी में भी गर्मी का असर बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार नर्मदापुरम संभाग के जिलों में गरज चमक के साथ वर्षा होने के आसार हैं। एक बार फिर वर्षा की गतिविधियों शुरू होने की संभावना है। जिस प्रकार बादल आ रहे हैं। गर्मी हो रही है उससे तो ऐसा लगता है कि वर्षा होने ही वाली है। लेकिन बादल आते हैं और चले जाते हैं। बादल पिछले सप्ताह से निराश कर रहे हैं। एक दो दिन वर्षा होने के बाद मानसून गायब हो गया है। जिससे किसानों ने खरीफ की बोवनी की तैयारी कर ली है। लेकिन मानसून की बेरुखी से किसान भी परेशान हैं। जिन्होंने मक्का की बोवनी कर दी है उनको नुकसान होने के आसार हैं। क्योंकि मक्का की बोवनी अनेक किसानों ने समय पर कर दी है। किसान एक फिर तेज वर्षा का इंतजार कर रहे हैं। उसके बाद ही बोवनी की रफ्तार तेज हो सकेगी।

Posted By: Nai Dunia News Network

NaiDunia Local
NaiDunia Local
  • Font Size
  • Close