होशंगाबाद। नवदुनिया प्रतिनिधि

कोविड-19 महामारी के उपचार के लिए तैनात किए गए अस्थायी स्वाथ्य कर्मियों का एक बड़ा समूह शनिवार को मुख्यमंत्री से मुलाकात कर अपनी मांग रखने के लिए भोपाल रवाना हुआ। कोविड-19 स्वाथ्य कर्मचारी संगठन मप्र के जिलाध्यक्ष दीपक वर्मा ने बताया कि हम लोगों को स्थायी नौकरी देने की मांग को लेकर पूरे 51 जिलों से पदाधिकारी पहुंचे। अभी भोपाल सांसद प्रज्ञा ठाकुर और स्वास्थ्य मंत्री प्रभुराम चौधरी से मुलाकात हुई है। मुख्यमंत्री से मुलाकात नहीं हुई है। अब रविवार को मुख्यमंत्री से मुलाकात की जाएगी।

संगठन के पदाधिकारियों ने बताया कि सांसद और स्वास्थ्य मंत्री ने आश्वासन दिया है। लेकिन हमें आश्वासन नहीं स्थायी आदेश चाहिए। इसलिए जेल भरो आंदोलन करना पड़ेगा तो वह भी करेंगे। दीपक वर्मा और प्रदेश अध्यक्ष जितेंद्र कुशवाह ने कहा कि जब हम कोरोना से नहीं डरे तो किसी से नहीं डरेंगे।

दीपक वर्मा एवं प्रशांत कनोजिया ने बताया कि कोरोना संक्रमण से प्रभावित हुए लोगों के उपचार के लिए स्वास्थ्य विभाग ने अस्थायी तौर प्रदेश के जिलों में कुल 6128 स्वास्थ्य कर्मचारियों की नियुक्ति की है। जिनमें डाक्टर,नर्सिंग स्टाफ, फार्मासिस्ट, एएनएम, और सपोर्टिंग स्टाफ को फीवर क्लीनिकों, कोविड केयर सेंटरों डीसीएचसी में कोविड मरीजों के उपचार के लिए तैनात किया है। अब नौकरी के सिर्फ दो दिन बचे हैं। इसलिए हमें आंदोलन करना पड़ रहा है। हमारी सेवाएं 30 नवंबर तक ही रखने का निर्णय लिया गया था। लेकिन अब भी कोरोना के मरीज बढ़ने पर इनकी सेवाएं 30 दिसंबर तक किए जाने के आदेश जारी कर दिए हैं। लेकिन हमारी मांग है कि इस प्रकार एक एक माह बढ़ाने की बजाय स्थायी या संविदा आधार पर नियुक्ति की जाए। उन्होंने कहा कि हमारी बात नहीं मानी गई तो आंदोलन तेज किया जाएगा।

Posted By: Nai Dunia News Network

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