बलराम शर्मा। होशंगाबाद

जिला अस्पताल में भर्राशाही का आलम कम होने का नाम नहीं ले रहा है। शुक्रवार की ही तरह शनिवार को भी ओपीडी का पर्चा बनवाने वालों को परेशान होना पड़ा। सुबह करीब 9.20 बजे से लेकर 12 बजे तक सर्वर बार-बार गड़बड़ होने से पर्चे नहीं बन पा रहे थे। इस कारण मरीजों को लाइन में घंटों लगे रहना पड़ा। एक मरीज को तो चक्कर आने लगे थे। जैसे-तैसे पर्चा बनवाने के बाद जब मरीज ओपीडी कक्ष में बैठे डाक्टर के पास पहुंचे तो वहां पर डाक्टर ही नहीं थे। कई घंटे तक कक्ष क्रमांक 6 में कोई डाक्टर ही नहीं थे। कक्ष 5 में जरूर एक महिला डाक्टर मौजूद थी। जो प्रायः हर मरीज को फीवर क्लीनिक में जांच कराने के लिए ही ज्यादा जोर दे रहे थी।

500 से ऊपर पहुंच रही है ओपीडी

जिला अस्पताल में इन दिनों ओपीडी 500 से ऊपर जा रही है। बीमार होने पर जब लोग अस्पताल पहुंच रहे हैं। तो उनको अपना उपचार कराना मुश्किल हो रहा है। डाक्टर अपने कक्ष में बैठने की बजाए दाएं-बाएं होकर हर कहीं टाइमपास कर रहे हैं। जिला प्रशासन को अस्पताल की व्यवस्था देखने की फुर्सत ही नहीं मिल रही है।

नहीं होता आकस्मिक निरीक्षण

पूर्व में असप्ताल का आकस्मिक निरीक्षण होता था। जिससे डाक्टरों में भय रहता था कि कब कौन आ जाए। जिला प्रशासन की ओर से भी एक डिप्टी कलेक्टर को तैनात किया गया था। जो कभी भी अस्पताल में चेकिंग करता था। अब न तो जनप्रतिनिधि जा रहे न ही जिला प्रशासन की ओर से कोई जाता है। इस कारण डाक्टरों की मनमानी जारी है।

हर मरीज हो रहे परेशान

अस्पताल में पहुंचने वाले मरीज और उनके साथ आए हुए परिजन जिला अस्पताल में पहुंच कर परेशान हो रहे हैं। क्योंकि यहां की अव्यवस्थाएं लगातार बढ़ती ही जा रही हैं। पर्चा बनवाने से लेकर डाक्टर को दिखाने,ब्लड प्रेशर,शुगर की जांच कराना हो,ईसीजी कराना हो या फिर एक्सरे कराना हो हर जगह परेशानी होती है। संबंधित लापरवाह बने हुए हैं।

मरीजों की व्यथा

करीब दो घंटे तक लाइन में लगा रहा। पर्चा बनाने वाले कहते रहे कि सर्वर गड़बड़ है। पर्चा बनवाने के बाद ओपीडी कक्ष में डाक्टर नहीं होने पर एक घंटे तक वहां पर खड़े रहे।

कन्हैया लाल गौर मरीज

कोई सुनवाई नहीं

यहां मरीजों की कोई सुनवाई नहीं हो रही है। मेरे पेट में बहुत दर्द होने पर इलाज कराने आया था। पर्चा बनवाने में ही एक घंटा से ज्यादा लग गया। फिर डाक्टर नहीं मिले।

सुदामा प्रसाद मरीज

''

कभी-कभी सर्वर की समस्या आ जाती है जो कुछ ही देर में सही हो जाती है। डाक्टर कक्ष में बैठते हैं। शिविर लगने के कारण कुछ डाक्टर की ड्यूटी शिविर में लग जाती है।

डॉ दिनेश दहलवार,सिविल सर्जन जिला अस्प्ताल

:::::::

Posted By: Nai Dunia News Network

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस