आशीष दीक्षित, नर्मदापुरम।

राजस्थान में मचे सियासी घमासान को लेकर कयास लगाए जा रहे थे कि मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ को डैमेज कंट्रोल करने की जिम्मेदारी दी जा सकती है। उन्हें सोमवार को सोनिया गांधी ने दिल्ली बुला लिया था जिसके चलते संभावना यह भी प्रबल थी कि संगठन स्तर पर बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है। मंगलवार के कमल नाथ ने इन सभी अटकलों पर विराम लगा दिया। कमल नाथ का कहना है कि राजस्थान का मामला राजस्थान वाले ही सुलझा लेंगे। कमल नाथ मंगलवार को नर्मदापुरम में आयोजित आमसभा को संबोधित करने के लिए आए हुए थे। इस दौरान उन्होने आमसभा को सम्बोधित किया। 16 मंडलम पदाधिकारियों की बैठक ली। चार पदाधिकारियों से चर्चा भी की। कमल नाथ ने प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री घोषणा करते हैं। बीस साल में सिर्फ घोषणा ही तो करते आए हैं।

कांग्रेस के संकटमोचक रहे हैं कमल नाथ

कमल नाथ को कांग्रेस संगठन का संकटमोचक माना जाता रहा है। महाराष्ट्र सकार पर आए संकट के दौरान भी उन्हें जिम्मेदारी दी गई थी। कमल नाथ ने नर्मदापुरम में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए कहा कि जब मैंने मप्र के मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी संभाली, तब कांग्रेस सरकार ने विकास कार्य किए। बीस साल मुख्यमंत्री रहने के बाद भी शिवराज सिंह सिर्फ घोषणाएं ही कर सके हैं, उन्हें विजन से ज्यादा टेलीवीजन से मतलब है।

कमल नाथ से नवदुनिया की सीधी बात

प्रश्न - राजस्थान में चल रही उठापठक को लेकर आप क्या कहना चाहेंगे?

कमल नाथ - यह राजस्थान का मामला है, राजस्थान वाले साल्व करेंगे।

प्रश्न - सोनिया गांधी जी ने आपको दिल्ली बुलाया था, क्या बात हुई?

कमल नाथ - मैंने उनसे कहा है कि मैं मप्र में ही रहूंगा,कहीं नहीं जाऊंगा।

प्रश्न - आपको संगठन में क्या कोई बड़ी जिम्मेदारी मिलने वाली है?

कमल नाथ - मैं कहीं नहीं जाऊंगा मप्र में ही रहूंगा।

Posted By: Nai Dunia News Network

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