हरदा। पत्रकार बीमा योजना के अंतर्गत आवेदन करने की अंतिम तिथि को 20 सितंबर से बढ़ाकर 25 सितंबर कर दिया गया है। पत्रकार जनसम्पर्क विभाग की वेबसाइट से आवेदन पत्र डाउनलोड कर उसे भरकर समस्त दस्तावेजों के साथ जिला जनसंपर्क कार्यालय में जमा कर सकते हैं।

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जिला रोगी कल्याण समिति की बैठक 19 सितंबर को

हरदा। जिला रोगी कल्याण समिति से प्राप्त जानकारी अनुसार जिला रोगी कल्याण समिति हरदा की कार्यकारिणी समिति की बैठक कलेक्टर एस विश्वनाथन की अध्यक्षता में 19 सितम्बर को दोपहर 12ः30 बजे कलेक्टर कार्यालय हरदा में आयोजित की गई है।

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बैंकिंग प्रक्रिया के संबंध में स्व-सहायता समूह का प्रशिक्षण सम्पन्ना

हरदा। जिला परियोजना प्रबन्धक, मध्यप्रदेश डे राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन से प्राप्त जानकारी अनुसार मप्रडे राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन विकास खण्ड खिरकिया के अंतर्गत ग्राम पंचायत भगवानपुरा में स्व-सहायता समूह का दो दिवसीय प्रशिक्षण सम्पन्न हुआ, इस प्रशिक्षण में स्व-सहायता समूह के पदाधिकारीयों को बैंकिंग प्रक्रिया के बारे में बताया गया। जिसमें दस्तावेजो का संधारण, बैंक के साथ ट्रांजेक्शन, ऋण भुगतान, समूह प्रस्ताव जैसे, महत्वपूर्ण बिन्दुओं का समावेशन किया गया। प्रशिक्षण में राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के सहायक जिला प्रबंधक प्रशिक्षण महेश कनासे, बैंक ऑफ इंडिया शाखा सिराली से अभिषेक वर्मा, प्रभारी विकास खण्ड समन्वयक तन्मय दुबे, समूह प्रेरक अशोक पंवार एवं अन्य अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।

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योजनाओं का निरीक्षण करेंगे गौड़

हरदा। नगरीय निकायों में संचालित केन्द्र और राज्य सरकार की योजनाओं के पर्यवेक्षण और निरीक्षण के लिए अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। संयुक्त संचालक अनिल गौड को हरदा जिले के नगरीय निकायों का जिम्मा दिया गया है। सभी अधिकारियों के लिए 4 माह में कम से कम एक बार संबंधित निकाय का निरीक्षण करना जरूरी होगा।

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हिंदी साहित्य के सम्राट माणिक वर्मा नहीं रहे

हरदा। नवदुनिया प्रतिनिधि

हिंदी साहित्य समिति के प्रांगण में शृंगार, करुण और हास्य की अतुकांत और छंदबद्घ कविताएं नहीं सुनाई देगी। दिलों को छू लेने वाली गजलें सिर्फ गुनगुना सकेंगे। बेकारी से तंग आकर मैंने एक अंधे भिखारी के कटोरे से अठन्नाी उठाई, भिखारी बोला-मैंने अच्छे अच्छों का ईमान डिगते देखा है, अठन्नाी वापस कर दो....यह काव्य स्व. माणिक वर्मा द्वारा एक कार्यक्रम के दौरान कहा गया था। दरअसल हम बात कर रहे है, देश के प्रख्यात कवि माणिक वर्मा की जो ?अब हमारे बीच में नहीं रहे। मंगलवार सुबह सुबह 8 बजे जब घर के लोग उन्हें जगाने पहुंचे तो पता चला कि वे नहीं रहे। माणिक वर्मा कविताओं और अपने व्यग्य की धार से पूरे देश के साहित्य मंचों की शान रहे। हरदा में सरस्वमी स्कूल के पास स्थित मकान में निवास करते थे। श्री वर्मा कुछ समय से इंदौर में अपने पुत्र के पास रह रहे थे। अपनी कविताओं के रूप में देश के साहित्य पटल पर हरदा का नाम सुनहरे शब्दों में लिखने वाले वर्मा तबीयत खराब होते हुए भी अंत तक सक्रिय बने रहे। कुछ माह पहले राइटर्स क्लब में कविता पाठ किया था। बुधवार को सुबह 9 बजे उनका अंतिम संस्कार इंदौर में तिलक नगर मुक्तिधाम पर किया जाएगा।