13 की लीड

- गुरुवार रात 12 बजे से 3.30 बजे तक चला कलेक्टर शीलेंद्र सिंह और एसडीएम रवीश श्रीवास्तव के बीच विवाद

- कलेक्टर ने डिप्टी कलेक्टर आदित्य रिछारिया को बनाया होशंगाबाद का एसडीएम

- 45 करोड़ की नजूल की भूमि आवंटन व पूर्व विधायक के बेटे के रेत स्टॉक पर कार्रवाई को लेकर अफसरों में ठनी

13एचओएस1- सिविल लाइन स्थित ऑफिसर्स क्लब की वह जगह जिसकी फाइल बुलवाई गई थी।

13एचओएस2- कु लमाड़ी रोड पर रेत स्टॉक के पास खड़े वाहन जिन पर होनी थी कार्रवाई।

होशंगाबाद। नवदुनिया प्रतिनिधि

कलेक्टर के बंगले पर गुरुवार रात 12 बजे कलेक्टर शीलेंद्र सिंह और एसडीएम रवीश श्रीवास्तव का विवाद हो गया। एसडीएम ने आरोप लगाया है कि कलेक्टर के सुरक्षाकर्मियों ने मुझे रात 3.30 बजे तक जबरन रोक कर रखा। मीडिया की मदद से मैं बाहर निकला। मेरा वाहन और पद रात में ही कलेक्टर ने छीन लिए थे। इस कारण मैं पैदल बंगले से बाहर आया। दोनों अधिकारियों के बीच हुआ विवाद सुबह मीडिया की सुर्खियों में रहा। दोनों ही अफसर अपना-अपना पक्ष रखते नजर आए। एसडीएम ने मामले की लिखित जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दी है। इधर, कलेक्टर का कहना है कि भ्रष्टाचार की शिकायतें मिलने के कारण एसडीएम को हटाया गया है। पूरे विवाद की वजह रेत का खेल बताया जा रहा है। एसडीएम रात में रेत के स्टॉक से करीब 50 डंपर जब्त करने की कार्रवाई करने गए थे। तभी कलेक्टर ने उन्हें अपने बंगले में तलब कर लिया और दोनों के बीच कहासुनी हो गई। कलेक्टर ने तत्काल ही डिप्टी कलेक्टर आदित्य रिछारिया को एसडीएम बना दिया है।

जानकारी मुताबिक सिविल लाइन स्थित 45 करोड़ की नजूल की भूमि के आवंटन संबंधित सरकारी फाइल व पूर्व विधायक के बेटे के रेत स्टॉक पर कार्रवाई को लेकर कलेक्टर शीलेंद्र सिंह व होशंगाबाद एसडीएम रवीश श्रीवास्तव के बीच ठन गई। गुरुवार रात करीब 12 बजे कलेक्टर बंगले के अंदर कलेक्टर व एसडीएम के बीच जमकर विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ा कि कलेक्टर ने एसडीएम श्रीवास्तव के वाहन को अपने अधीन कर लिया और तुरंत ही पद से हटाते हुए डिप्टी कलेक्टर आदित्य रिछारिया को होशंगाबाद एसडीएम बना दिया। कलेक्टर द्वारा की गई इस कार्रवाई के बाद रवीश ने कई गंभीर आरोप कलेक्टर पर लगाए हैं। रवीश का कहना है कि उन्हें कलेक्टर ने खुद फोन कर बंगले पर बुलाया था, जहां उनका मोबाइल छीन लिया गया, अभद्रता की गई और पद से हटा दिया गया। उनका यह भी अरोप है कि नजूल से संबंधित एक फाइल मांगी जा रही थी, जिसे लेकर वे पावती मांग रहे थे। इसके अलावा वे रात में कार्रवाई करने कु लामड़ी रेत स्टॉक पर गए थे। इसी बात को लेकर कलेक्टर नाराज थे। श्रीवास्तव के मुताबिक उन्हें कलेक्टर ने कार्रवाई करने की धमकी भी दी है। इस घटनाक्रम की जानकारी वे लिखित में अपने वरिष्ठ अधिकारियों को दे रहे हैं। वहीं पूरे घटनाक्रम और एसडीएम द्वारा लगाए गए आरोपों को कलेक्टर ने सिरे से खारिज कि या है। कलेक्टर का कहना है कि एसडीएम श्रीवास्तव की कई गंभीर शिकायतें मिली हैं इसी के चलते उन्हें हटाया गया हैं। शिकायतों की जांच भी कराई जा रही है।

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एसडीएम रवीश श्रीवास्तव की जुबानी पूरा घटनाक्रम

नजूल की एक फाइल देने के लिए कहा जा रहा था। एसडीएम ने बताया कि मुझसे कहा जा रहा था कि ऑफिसर्स क्लब की एक फाइल है, तहसीलदार को हैंडओवर कर दें। मैंने अपने रीडर से कहा कि तहसीलदार से पावती ले लो और हैंडओवर कर दो। रीडर ने बताया कि तहसीलदार बडोनिया का कहना है कि मैं साइन करके नहीं दूंगा पर्सनल काम से जबलपुर जा रहा हूं। मैंने बोला कि ऐसे में तो फाइल नहीं दूंगा। यदि गायब हो जाएगी तो मेरी जवाबदारी होगी, नजूल अधिकारी के रूप में। रीडर का 11 बजे फोन आया कि तहसीलदार बडोनिया ने साइन कर रसीद दे दी है। मैंने बोला कि फोटो कॉपी कराओ और फाइल हैंडओवर कर दो।

कलेक्टर ने फोन कर बंगले पर बुलाया -

एसडीएम बोले कि रात 12 बजे कलेक्टर साहब का फोन आया। मैं बांद्राभान में रेत के स्टॉक की जांच करके लौट रहा था। 11.45 बजे कु लामड़ी बायपास पर स्टॉक पर 50 से ज्यादा ट्रक खड़े हुए दिखे। चूंकि शाम को रायल्टी बंद हो चुकी थी मैंने पूछा कि ट्रक क्यों खड़े हुए हैं। इस दौरान पाया कि दो चार वाहनों के पास रायल्टी थी, बाकी कि सी के पास नहीं थी। मैंने तुरंत माइनिंग इंस्पेक्टर अर्चना को फोन कर कहा कि तुरंत यहां पहुंचिए। ये अवैध परिवहन करने वाले हैं। दूसरा फोन नायब तहसीलदार ललित सोनी को कि या। उसी समय कलेक्टर का फोन आया उन्होंने बंगले पर बुलाया। जब मैं कलेक्टर बंगले में पहुंचा तो ललित और पूरे स्टॉफ के बयान प्रेशरराइज करके लिए जा रहे थे। मैं जब पहुंचा तो मुझसे कहा कि जेल भिजवाएंगे और एफआईआर करवाएंगे।

ड्राइवर को पकड़कर खींचा, चाबी निकाल ली

एसडीएम रवीश श्रीवास्तव ने बताया कि इस दौरान मेरा मोबाइल जब्त करने की कोशिश की गई। मैंने वारंट होने की बात कही। तभी मैं बाहर निकलने की कोशिश करने लगा। दो गार्डों ने मेरे ड्राइवर को पकड़कर खींचा और गाड़ी से चाबी निकाल ली। मैं पैदल जाने लगा तो गेट पर खड़े गार्डों ने रोक लिया। तीन घंटे तक घर में ही अरेस्ट करके रखा। मेरी गाड़ी भी बंगले पर खड़ी कर ली। तहसीलदार की गाड़ी मेरे ड्राइवर को छोड़ने जा रही थी, उसी गाड़ी से मैं अपने घर पहुंचा।

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कलेक्टर-एसडीएम के बीच हुए विवाद के यह हैं दो मुख्य कारण

पहला कारण - कलेक्टर और एसडीएम के बीच हुए विवाद का पहला कारण ऑफिसर क्लब की फाइल बताई जा रही है। जिसमें एक व्यक्ति को 45 करोड़ की नजूल की भूमि आवंटन का मामला है। इस मामले में हाईकोर्ट में प्रशासन को जवाब देना है। एसडीएम के पास जो फाइल थी कलेक्टर ने वह मांगी थी। एसडीएम का कहना था कि उन्हें पावती चाहिए।

दूसरा कारण - कलेक्टर ने बुधवार को रेत के 8 स्टॉक को रेत बेचने की मंजूरी दी थी। शासन की आपत्ति के बाद गुरुवार रात में रेत के स्टॉक की मंजूरी निरस्त हो गई। एसडीएम कलेक्टर को जानकारी दिए बगैर कार्रवाई करने पहुंच गए। जिस स्टॉक पर कार्रवाई करने पहुंचे थे वह पूर्व विधायक के बेटे का है। माइनिंग अधिकारियों को भी बुलाया गया था।

एसडीएम रवीश श्रीवास्तव ने सवाल उठाए

सवाल एक - रवीश श्रीवास्तव का कहना है कि पूरे प्रदेश में खनिज रॉयल्टी बंद तो फिर होशंगाबाद में आठ रेत स्टाक को अनुमति क्यों दी गई? इन अनुमति को भी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने निरस्त कर दिया है।

सवाल दो - आफिसर्स क्लब की 45 करोड़ कीमत की जमीन के मामले की फाइल मुझसे बिना रिसीविंग के मांगी जा रही थी। फाइल से कोई कागज हट जाता तो इसकी जिम्मेदारी कि सकी होगी। मैंने अपने रीडर से कहा था कि फाइल हैंडओवर करने के पहले पावती ले लीजिएगा।

पत्र से दे रहा हूं जानकारी

13एचओएस3 - रवीश श्रीवास्तव।

मेरे साथ जो भी घटनाक्रम कलेक्टर बंगले में गुरुवार रात को हुआ है उसकी पूरी जानकारी पत्र के माध्यम से वरिष्ठ अधिकारियों को दे रहा हूं। मेरा मोबाइल जब्त करने की कोशिश की गई थी। साथ ही गाड़ी भी रख ली गई। मैं सिर्फ इतना ही कहूंगा कि मुझे पद से हटा दिया गया है। मुझे तो कलेक्टर ने ही फोन कर 12 बजे बंगले पर बुलाया था। रात तीन बजे अपने घर पहुंचा। आचरण अधिनियम में बंधे होने के कारण मैं ज्यादा कु छ नहीं बोल पा रहा हूं।

- रवीश श्रीवास्तव, पूर्व एसडीएम, होशंगाबाद

भ्रष्टाचार के आरोप थे इसलिए हटाया

13एचओएस4 - शीलेंद्र सिंह।

एसडीएम रवीश श्रीवास्तव पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे हैं, शिकायतें प्राप्त हुई हैं। इसी के चलते उन्हें पद से हटा दिया गया हैं। ऑफिसर्स क्लब के संबंध में फाइल उनसे मांगी गई थी। मामला न्यायालय में है जिसका जवाब प्रस्तुत करना जरूरी है। वह फाइल नहीं दे रहे थे। मैंने हमेशा ही अवैध माइनिंग पर कार्रवाई करने के कहा है। मैं भला कार्रवाई करने से क्यों रोकू ंगा। जो भी आरोप उन्होंने लगाए हैं वे झूठे हैं। शासन स्तर पर पूरी जानकारी भेजी जा रही है। शासन ने आठ रेत स्टाकों को अनुमति दी थी और शासन ने ही उन्हें निरस्त की है।

- शीलेंद्र सिंह, कलेक्टर, होशंगाबाद

लिखित जानकारी नहीं आई है

होशंगाबाद कलेक्टर व एसडीएम के बीच में क्या घटनाक्रम हुआ है उसकी लिखित जानकारी मेरे पास नहीं आई है। लिखित में जैसे ही मामला सामने आएगा संज्ञान लिया जाएगा।

- रविंद्र मिश्रा, कमिश्नर, नर्मदापुरम संभाग