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रसायनिक खेती से बंजर होने लगे थे खेत, मिट्टी में जान फूंकने के लिए अपनाया जैविक तरीका

16एचओएस1 होशंगाबाद। जैविक खेती करने वाले किसानों को प्रोत्साहित करते हुए कृषि अधिकारी। नवदुनिया

16एचओएस2 होशंगाबाद। जैविक खेती से सब्जियों व अनाज, दलहन की पैदावार का प्रदर्शन किया। नवदुनिया

अच्छेलाल वर्मा। होशंगाबाद

जिले में अनेक स्थानों पर खेतों के बंजर होने की समस्या पैदा हो गई। बंजर खेतों को जीवनदान देने के लिए किसानों ने जैविक खेती अपनाई। इसके अच्छे परिणाम सामने आने लगे हैं। रासायनिक व कीटनाशकों के उपयोग से जिन खेतों में पैदावार घट गई थी अब वहां मिट्टी की उपजाऊ शक्ति फिर से लौटने लगी है।

होशंगाबाद में नर्मदा व तवा नदी किनारे सिंचाई के लिए पानी तो पर्याप्त है, लेकिन ज्यादा पैदावार की लालच में किसान अत्याधिक रसायनिकों और कीटनाशकों का उपयोग करने लगे थे। दो दशक पहले यहां खेतों में पैदावार घटने लगा था। किसानों को मिट्टी परीक्षण के यह समझ में आया कि अत्याधिक रासायनिकों का उपयोग करने के लिए खेतों की उर्वरा शक्ति कम हो गई है। जिन किसानों के खेतों में पहले एक एकड़ में 20 से 23 क्विंटल गेहूं की पैदावार होती थी वह घटकर 12 से 15 क्विंटल तक सिमट गई। सोयाबीन की पैदावार को लगभग खत्म ही होने लगी थी।

- जब जागे, तब सबेरा -

ग्राम रसूलिया के किसान अरुण मालवीय ने बताया कि जब जागे तब सबेरा होता है। उनके 20 एकड़ खेत में गेहूं, चना और सोयाबीन की पैदावार काफी घट गई थी। क्योकि खेत बंजर होते जा रहे थे, उर्वरा शक्ति कम हो गई थी। पवारखेड़ा के कृषि वैज्ञानिकों ने सलाह दी कि वह जैविक खेती अपनाएं। उन्होंने वर्ष 2015 से जैविक खेती करना आरंभ किया। अब उनके खेत की मिट्टी बढ़यिा मुलायम हो गई। खेतों में गेहूं की फसल लहलहा रही है।

- सब्जियों की भरपूर पैदावार -

बालागांव के किसान मोहित बादर ने बताया कि वे 10 एकड़ में जैविक खेती कर रहे हैं। पिछले 8 साल से उनके खेत में गेहूं, चना, मसूर, उड़द इत्यादि दालों के अलावा सब्जियों की भरपूर पैदावार हो रही है। जबकि पहले रासानिक खेती से उनके खेतों में पैदावार घट गई थी। इसी प्रकार नन्हेलाल भाटी, राजकुमार राजपूत समेत करीब एक हजार किसान जिले में जैविक खेती से अपने बंजर हुए खेतों को हरा-भरा करके खुश नजर आ रहे हैं।

- दो महिलाओं को मिला कृषि कर्मण अवार्ड-

जैविक और व्यवस्थित खेती करने के कारण ही जिले की दो महिलाओं गेहूं की पैदावार में कंचन वर्मा को और दलहन पैदावार में शिवलता मेहतो को भारत सरकार की ओर से 2019 का कृषि कर्मण अवार्ड दिया है।

- सरकार दे रही बढ़ावा -

भारत सरकार और मप्र सरकार जैविक खेती को बढ़ावा दे रही है। देश व प्रदेश में जिस प्रकार अत्याधिक रासायनिकों व कीटनाशकों के उपयोग से खेतों की उर्वरा शक्ति कम हुई उसमें सुधार के लिए जैविक खेती का प्रयोग सफल हुआ है। होशंगाबाद जिले में एक हजार से अधिक किसान जैविक खेती कर रहे हैं। कृषि विभाग की ओर से नर्मदा किनारे के सभी गांवों में जैविक खेती करना अनिवार्य किया गया है।

- जितेंद्र सिंह, सहायक संचालक कृषि, नर्मदापुरम संभाग।

Posted By: Nai Dunia News Network