इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि। मालवा-निमाड़ पर भारी बारिश किसी कहर से कम नहीं थी। बारिश भले ही थम गई, लेकिन मुसीबतें ज्यादा बढ़ गईं। खेतों में भरे पानी ने सोयाबीन, कपास, मक्का, मिर्ची, केला और गन्नाा आदि फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है। खंडवा, खरगोन, झाबुआ के किसान नुकसानी 50 से 80 प्रतिशत तक बता रहे हैं, लेकिन नीमच और मंदसौर में कृषि विभाग ने शत-प्रतिशत फसलें बर्बाद होने की जानकारी दी है। अब बर्बाद फसलों को देख किसान सर्वे, मुआवजे कर मांग को लेकर प्रदर्शन पर उतर आए हैं।

मालवा-निमाड़ के हालात : झाबुआ में 80 प्रतिशत फसलें खराब होने की आशंका

- नीमच : जिले में फसलों को शत-प्रतिशत नुकसान पहुंचा है।

- झाबुआ : जिले में 80 प्रतिशत फसलें होने की आशंका है।

- बड़वानी : जिले में लगभग 50 प्रतिशत फसलें प्रभावित हुई हैं।

- खरगोन : जिले के 50 गांवों के एक हजार से ज्यादा किसानों की फसल बर्बाद हो गई है।

- खंडवा : जिले में दस हजार हेक्टेयर में फसलें तबाह हो गई हैं।

- इन फसलों को नुकसान : सोयाबीन, कपास, मक्का, मिर्ची, केला और गन्ना।

पशुपतिनाथ की शरण में मंदसौर कलेक्टर

अतिवृष्टि और बाढ़ से निपटने के लिए प्रशासन अपने संसाधन तो लगा ही रहा है, अब कलेक्टर मनोज पुष्प व एसपी हितेश चौधरी ने श्री पशुपतिनाथ महादेव के गर्भगृह में पहुंचकर आराधना की और आपदा से राहत दिलाने की बात कही।

प्रदर्शन : सर्वे की मांगों को लेकर सड़क पर उतरे किसान

सर्वे और मुआवजे की मांगों को लेकर खरगोन, खंडवा, मंदसौर, नीमच, उज्जैन सहित कई जिलों में किसानों ने रैली निकालकर प्रदर्शन किया। किसानों की समस्याओं को लेकर प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया।

दौरे पर 'सरकार'

पूर्व मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान मंदसौर व नीमच में बाढ़ प्रभावितों से मिले और उनकी मदद को लेकर प्रदेश सरकार को त्वरित काम करने को कहा। इधर, नीमच जिले के प्रभारी मंत्री हुकुमसिंह कराड़ा ने पीड़ित किसानों से मुलाकात की। उन्होंने कहा, सरकार आपके साथ है।