इंदौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। 16 बंगला लिम्बोदिया क्षेत्र में रहने वाली 15 वर्षीय नाबालिग ने गणित का पेपर बिगड़ न जाए, इसलिए फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।तेजाजी नगर थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।पुलिस के मुताबिक बच्ची का नाम खुशी पुत्री ललित पंजनानी है।

स्वजनों ने बताया कि बच्ची 10वीं कक्षा में पढ़ती थी और हर साल टाप करती थी।हालाकि 9वीं में उसके अंक कम आए थे, जिससे वह परेशान रहने लगी थी। अभी छह माही परीक्षा चल रही है।आज गणित का पेपर था। वह बहुत डरी हुई थी। इस बारे में उसने माता-पिता से भी बात की थी।पिता ने उसे समझाया भी था कि इतनी मेहनत की है कुछ नहीं होगा, तब उसने बताया भी था कि गुरुवार को उसका साइंस का पेपर बिगड़ गया है।पिता ने कहा कि परीक्षा हो जाने के बाद हम कहीं घूमने चलेंगे।

रात में सोते समय उसने मां के मोबाइल पर सुबह 5:30 बजे का अलार्म लगाया था और बोला था कि उसने पढ़ाई के लिए उठा देना। इसके बाद वह अपने कमरे में सोने चली गई। रात में करीब 3 बजे पिता की नींद खुली तो वे जागे, उन्होंने देखा कि बेटी के कमरे का दरवाजा खुला है। यह देखकर वे चले गए।

सुबह मां के मोबाइल पर अलार्म बजा तो देखा कि मोबाइल बेटी उठाकर ले गई।मां जब बच्ची के कमरे में जाने लगी तो उसने कमरा अंदर से बंद कर लिया था।बहुत देर तक खटखटाने के बाद भी जब दरवाजा नहीं खुला तो सब घबरा गए। पिता ने दरवाजे में से झांककर देखा तो बेटी फंदेपर लटकी हुई थी।पुलिस को शिकायत की और दरवाजा तोड़कर अंदर गए और बेटी को नीचे उतारा। पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लिया है।

मोबाइल के कारण पढ़ाई में कमजोर हो रही थी बच्ची

टीआइ आरडी कानवा ने बताया कि स्वजनों से बात करने पर लग रहा है कि बच्ची को मोबाइल की लत लग गई थी। 8वीं में उसके 95 प्रतिशत अंक आए थे। इसके बाद उसका मन मोबाइल चलाने व इंटरनेट मीडिया पर चैटिंग करने में लगने लगा। इससे 9वीं कक्षा में उसके 50 प्रतिशत अंक आए। माता-पिता मोबाइल नहीं देते थे, जिसके वह नाराज रहने लगी थी।पढ़ाई में कमजोर होने के कारण भी वह खुद भी परेशान रहने लगी थी। आशंका है कि इसी बजह से उसने फांसी लगाकर आत्महत्या की है।

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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