इंदौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। 19 साल पहले मिलावटी सिरप बेचते पकड़ाए आरोपित को कोर्ट ने एक साल कारावास की सजा सुनाई। आरोपित का नाम देवेंद्र खत्री निवासी गांधी नगर है। वह श्री वैष्णव रेमेडीज नामक फर्म का संचालक था। 16 अप्रैल 2002 को हुई जांच में उसकी फर्म से शक्तिवर्धक सीरप के नमूने लिए गए थे।

मिलावटी पाया गया था सीरप

जांच में सीरप मिलावटी पाया गया था। इस पर खत्री के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया था। न्यायाधीश अरविंदसिंह गुर्जर ने इस 19 साल पुराने मामले में फैसला सुनाते हुए आरोपित को एक वर्ष कारावास और दो हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।

सहकारी बैंक के खाते में हेराफेरी करने वालों को तीन-तीन साल कारावास

इंदौर सहकारी बैंक के खाते में हेराफेरी करने वाले तीन आरोपितों को विशेष न्यायालय ने तीन-तीन साल कठोर कारावास की सजा सुनाई। कोर्ट ने आरोपितों पर पांच-पांच हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है।

महाराष्ट्र ब्राम्हण सहकारी बैंक में कार्यरत थे

आरोपित चंद्रशेखर लोंढे, संजय और अनिल महाराष्ट्र ब्राम्हण सहकारी बैंक में कार्यरत थे। तीनों ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए 2005 में विजय ट्रेडिंग कंपनी के प्रोपराइटर विजय श्रीवास्तव को चेक के माध्यम से 42 लाख 89 हजार 769 रुपये खाते में अंतरित कर लाभ पहुचाया था

। मामले की जानकारी अधिकारियों को लगी तो शिकायत हुई। जिला अभियोजन अधिकारी संजीव श्रीवास्तव ने बताया कि विशेष न्यायाधीश मनोज तिवारी ने प्रकरण में फैसला सुनाते हुए तीनों आरोपितों को धारा 420, 409, 120-बी भादवि के तहत तीन-तीन साल सश्रम कारावास और पांच-पांच हजार रुपये अर्थदण्ड की सजा सुनाई।

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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