Panchayat Chunav 2022 इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि। पंचायत चुनाव से जुड़ी व्यवस्था को लेकर कई विभाग में कार्यरत कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई है। 48 घंटे पहले कर्मचारियों को ड्यूटी से जुड़ा आदेश मिला है, जिसमें वन विभाग के तीस से ज्यादा वनकर्मी शामिल है। चौंकाने वाली बात यह है कि इसमें दो निलंबित वनकर्मियों को भी मतदान की प्रक्रिया से जोड़ा है, जबकि हृदय रोग से पीड़ित वनकर्मियों को केंद्र में बिठाया है। साथ ही 57 वर्षीय कुछ कर्मचारियों की भी चुनाव की अहम जिम्मेदारी सौंपी है। एनवक्त पर मिले आदेश के बाद इन वनकर्मी की सांसे ऊपर-नीचे होने लगी है, क्योंकि अपनी ड्यूटी कैंसल करवाने के लिए ये परेशान होकर घूम रहे है। इनकी ड्यूटी लगने से अफसरों की मुश्किलें बढ़ सकती है।

दरअसल चुनाव के लिए वन विभाग की तरफ से जो वनकर्मियों के नाम अप्रैल में भेजे गए थे। उनके बारे में ठीक से जानकारी नहीं जुटाई गई। पिछले बार की सूची बिना जांचे भेजी गई है। उसकी वजह से यह दिक्कतें खड़ी हुई है। रालामंडल अभयारण्य में पदस्थ शैलेंद्र रावत को चार महीने पहले ही डीएफओ नरेंद्र पंडवा ने निलंबित कर दिया था। फिलहाल उसे चोरल रेंज में अटैच किया है। वैसे भी उसकी उम्र 59 वर्ष से ऊपर हो चुकी है। चुनाव में ड्यूटी करने से शैलेंद्र इनकार नहीं कर रहा है, लेकिन ड्यूटी के दौरान निलंबित कर्मचारी यूनिफार्म नहीं पहन सकता है, जबकि एक वनकर्मी को जनवरी में हार्ट अटैक आया था।

इसके बाद ह्दय रोग की शिकायत बढ़ गई। वैसे 57 वर्षीय वनकर्मी ने डीएफओ को अपनी समस्या से अवगत कराया है। वहीं एस वर्मा के घर शादी और 58 वर्षीय डिप्टी रेंजर आर कदम की ड्यूटी भी लगी है। वन अफसर अब इन्हें रिलीव करने के लिए कलेक्टर को पत्र लिखने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे है, क्योंकि सूची इनके कार्यालय से ही भेजी गई है। असल वजह है कि डीएफओ और सीसीएफ कार्यालय में पदस्थ वनकर्मी खुदको ड्यूटी से बचाने के लिए अन्य लोगों के नाम देते है। डीएफओ पंडवा का कहना कि कुछ लोगों ने अपनी समस्या बताई है।

Posted By: Sameer Deshpande

NaiDunia Local
NaiDunia Local
  • Font Size
  • Close