इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि Happy Work Atmosphere। एक शोध के अनुसार निजी क्षेत्र में कार्य करने वाले 40 से 45 प्रतिशत कर्मचारी या तो अवसाद में हैं या उन्हें सामान्य चिंता विकार है। पिछले आठ वर्षों में कार्पोरेट जगत में चिंता और अवसाद की दर 45 से 50 प्रतिशत तक बढ़ गई है। 35 प्रतिशत से अधिक कर्मचारी छह घंटे से भी कम सोते हैं। उनमें से कई उच्च रक्तचाप, सिरदर्द, पीठ दर्द या थकान से पीड़ित हैं।

बात अगर कार्पोरेट जगत के कर्मचारियों में पाए जाने वाले रोगों की करें तो चार प्रतिशत कर्मचारी हृदय रोग, तीन प्रतिशत सर्वाइकल, 2.5 प्रतिशत अस्थमा, एक प्रतिशत स्लिप डिस्क और 1.5 प्रतिशत गठिया पीड़ित हैं। 48 प्रतिशत कर्मचारी चिंता के कारण नियमित रूप से थकान महसूस करते हैं और 27 प्रतिशत ने यह स्वीकारा कि वे नियमित सिरदर्द से पीड़ित हैं।

यह जानकारी बुधवार को मनोरोग विशेषज्ञ डा. पवन राठी ने क्रिएट स्टोरीज सोशल वेलफेयर सोसायटी द्वारा होटल मैरिएट में आयोजित सेमिनार में दी। विषय था- 'हाउ टू मेंटेन हैप्पी वर्क एटमास्फियर'। डा. राठी ने कहा कि उत्पादकता और कार्य के बोझ के कारण लोग तनाव में जीने लगते हैं। कार्यक्षेत्र का तनाव इतना ज्यादा है कि छुट्टी में कार्यक्षेत्र का नाम लेते ही वे चिढ़ने भी लगते हैं। कार्यक्षेत्र हमारी जिंदगी का महत्वपूर्ण भाग है, इसलिए थोड़ा सा बदलाव लाकर कार्यक्षेत्र व जीवन को खुशनुमा बनाना होगा। कई बार हम विचार व्यक्त नहीं कर पाते और तनाव लेते रहते हैं। यदि हम विचार व्यक्त नहीं करेंगे तो सामने वालों को यह पता नहीं चलेगा कि आपके पास कार्य की अधिकता या तनाव है।

कार्यक्षेत्र में खुद को व्यक्त करना सीखें। कार्यक्षेत्र में बेहतर समय प्रबंधन के लिए 10 मिनट का समय निकालकर प्राथमिक कार्यों की सूची बनाएं। कुछ व्यायाम ऐसे होते हैं जो कार्य के दौरान भी कर सकते हैं जैसे अपने स्थान पर ही धीरे-धीरे गर्दन घुमाना, सीढ़ियों का इस्तेमाल, थोड़ा पैदल चलना आदि। हथेलियों को आपस में रगड़ें और आंखें बंद कर हथेलियों को आंखों पर लगाएं। 10 बार धीमी सांस लें और आराम का अनुभव करें। कार्य के दौरान पसंदीदा संगीत सुनें। आफिस का कार्य घर पर करने से बचें।

Posted By: Sameer Deshpande

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