इंदौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। हमारे शास्त्रों में गर्भ में आए शिशु के उत्तम भविष्य के लिए पहले से लेकर नौवें महीने तक विभिन्न विधान बताए गए हैं। लेकिन वर्तमान में ये विधान लुप्त होते नजर आ रहे हैं। कर्नाटक-महाराष्ट्र प्रांतों में कई स्थानों पर इनकी जानकारी रखने वाले लोग मिल जाते हैं। इस प्राचीन विधि को पुनर्जीवित करने की आवश्यकता है। इस भावना से शिविर का आयोजन किया गया है। इसके लिए समाज की महिलाएं आगे आकर प्रशिक्षण प्राप्त कर स्थानीय गर्भवती महिलाओं की गर्भ संस्कार विधि संपन्न कराने में सहयोग प्रदान करें।

यह बात आचार्य प्रज्ञासागर महाराज ने चंद्रप्रभु मांगलिक भवन तिलक नगर में कही। वे जैन समाज की महिलाओं के लिए आयोजित गर्भ संस्कार विधि शिविर में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि तीसरे, पांचवें, सांतवें और नौवें महीने में संस्कार विधि की जाती है। यह गर्भ में आए शिशु को संस्कारित बनाने के लिए की जाती है। गर्भावस्था के दौरान ज्यादा से ज्यादा समय मांगलिक कार्य, पूजा पाठ और स्वाध्याय में समय व्यतीत करें तो हम अपने बच्चों को अच्छे संस्कार दे सकते हैं। क्षुल्लक प्रमेय सागर ने बताया कि विभिन्न शहरों से आईं 100 से भी अधिक महिलाओं ने शिविर में शामिल होकर प्रशिक्षण प्राप्त किया। प्रचार मंत्री राजेश कानूनगो ने बताया कि आचार्य संघ सहित 25 जून को गोयल नगर दिगंबर जैन मंदिर के लिए विहार करेंगे।

ज्यादा सीखने से जरूरी है जो सीखा उसमें परिपक्वता हो

इंदौर। कथक या कोई भी नृत्य सीखें तो इस बात का ध्यान रखें कि जितना आवश्यक ज्यादा सीखना है उससे कहीं अधिक महत्वपूर्ण है जो सीखा उसमें परिपक्व होना। कला अभ्यास मांगती है और आप जितना अभ्यास करेंगे उतना ही बेहतर होगा। कथक में तत्कार के वक्त कैसे खड़े रहें, प्रस्तुति के दौरान चेहरे के भाव कैसे हों यह सब बातें बहुत मायने रखती है। यह जानकारी स्व. पं. बिरजू महाराज की शिष्या व कथक गुरु मालती श्याम ने शुक्रवार से शुरू हुई तीन दिनी कथक कार्यशाला में कही। कार्तिक कला अकादमी और संस्कार भारती मालवा प्रांत के संयुक्त तत्वावधान में लोकमान्य नगर स्थित मंगल भवन में आयोजित इस कार्यशाला में 100 प्रशिक्षणार्थी प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। लखनऊ घराने का प्रतिनिधित्व करते हुए मालती श्याम ने कथक के आधारभूत ज्ञान की जानकारी दी। इसके अलावा आमद, पं. बिरजू महाराज द्वारा बताई आमद, स्वरचित टुकड़े, गत, तिहाइयां व निकास की जानकारी दी।

Posted By: Hemraj Yadav

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