इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि। भारतीय विश्वविद्यालय संघ के दो दिवसीय सेंट्रल जोन कुलपति सम्मलेन का समापन श्री वैष्णव विद्यापीठ विश्वविद्यालय में हुआ। संयुक्त राष्ट्र के साथ संयुक्त तत्वाधान में इसका आयोजन किया गया था। सम्मलेन में संयुक्त राष्ट्र नियामक निकायों, आयोग और शिक्षाविदों ने अपने ज्ञान और विचारों को साझा किया। समापन सत्र में प्रदेश के मंत्री विश्वास सारंग मुख्य अतिथि थे।

समापन सत्र में डा उपिंदर धर ने कहा कि यह हमारे लिए स्वीकार योग्य है कि संयुक्त राष्ट्र द्वारा निर्धारित 17 लक्ष्यों के 232 संकेतक आपस में जुड़े हुए हैं। ये 2030 में सभी के बेहतर भविष्य हेतु ब्लू प्रिंट तैयार करने के लिए निर्धारित किए गए है। डा. नम्रता जैन ने कुलपति सम्मलेन की रिपोर्ट प्रस्तुत की। डा. पंकज मित्तल ने कुलपति सम्मलेन के उद्देश्यों का वर्णन किया। कर्नल डा. जी तिरुवसागम ने अपने अध्यक्षीय भाषण में सतत विकास लक्ष्यों के लिए उच्च शिक्षा संस्थानों की भूमिका के बारे में बताया। उन्होंने यह भी कहा कि हमें देश के लिए काम करना चाहिए और गरीबी को कम करने का प्रयास करना चाहिए।

विश्वास सारंग ने कहा कि 2030 में हमें संयुक्त राष्ट्र द्वारा बताए गए लक्ष्यों को हासिल करना है। उस अभियान में भारत की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है। हमारी संस्कृति है ऐसी है कि हम सबके विकास और कल्याण की बात करते हैं। हमें अपनी भारतीय पहचान को कायम रखते हुए आगे बढना है तभी हम लक्ष्यों को पूरा कर सकेंगे। हम किसी एक व्यक्ति के लिए नहीं बल्कि पूरे विश्व के कल्याण हेतु प्रयत्नशील रहते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पूरी दुनिया भारत के सफल टीकाकरण अभियान की गवाह है।

Posted By: Sameer Deshpande

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