Indore News: इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि। दिव्यांगों की सहायता के लिए शासन ने कई योजनाएं चला रखी हैं, ताकि उनका जीवन आसान हो सके। इसके बाद भी प्रशासन के पास ढेरों आवेदन आते हैं, जिन्हें शासन की योजनाओं के अलावा सहायता चाहिए होती हैं। ऐसे दिव्यांगों की मदद के लिए अब प्रशासन फंड एकत्रित करेगा। इसमें उद्योगों और कंपनियों की मदद ली जाएगी। इसके लिए मदद करने वाले उद्योगों की सूची बनाई जाएगी।

विगत दिनों जनसुनवाई में दिव्यांग महिला जानकी ने पेट्रोल चलित तीन पहिया गाड़ी मांगी थी। कलेक्टर इलैया राजा टी ने रेडक्रॉस से यह गाड़ी उपलब्ध कराई थी, लेकिन ऐसे ही कितने दिव्यांग आवेदक है, जो सहायता के लिए आते है। ऐसे दिव्यांगों की मदद के लिए कलेक्टर ने फंड करने की योजना तैयार की हैं। इसके चलते अब बड़े उद्योगों और कंपनियों से सीएसआर फंड के तहत मदद दिलवाई जाएगी।

कलेक्टर इलैया राजा टी ने कहा कि सीएसआर के तहत काफी फंड एकत्रित किया जा सकता है। विभाग को निर्देश दिए है कि ऐसे उद्योगों और कंपनियों की सूची तैयार की जाए जो सहज मदद के लिए तैयार हो जाए। अवंतिका गैस एजेंसी द्वारा फंड उपलब्ध कराया गया हैं, जिसके लिए दिव्यांगों को चिन्हित किया जा रहा हैं। इसी तरह शहर की सभी उद्योगों और कंपनियों की सूची विभाग द्वारा तैयार की जा रही है।

गाड़ी की मांग ज्यादा

दिव्यांगों के लिए सरकारी योजना में बैटरी चलित गाड़ियों और पेट्रोल चलित वाहन के लिए कोई फंड नहीं है, जबकि जीवनयापन के लिए दिव्यांगों के कई आवेदन प्रशासन के पास आते हैं। इसमें मुख्य तौर पर बैटरी चलित और पेट्रोल चलित गाड़ियों की मांग प्रमुख होती है। इसके अलावा भी कई ऐसी मांग होती है, जो शासन की योजनाओं में नही हैं।

Posted By: Sameer Deshpande

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