इंदौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। आसमान में ऊंचाई पर उड़ान भरने वाली चील नौलखा क्षेत्र की शांति विहार कालोनी के एक पेड़ पर उलझे पतंग के मांजे में फंस गई। यह चील 18 घंटे तक फिर से आसमान में उड़ने के लिए संघर्ष करती रही। इस क्षेत्र में रहने वाले एसडीएम राकेश शर्मा व वन विभाग व निगम के अमले की सक्रियता का ही असर रहा कि यह चील शनिवार दोपहर तक बंधन मुक्त होकर आसमान में स्वच्छंद उड़ान भर सकी।

नौलखा क्षेत्र की शांति विहार कालोनी में रहने वाले उज्जैन में पदस्थ एसडीएम शर्मा ने बताया कि शुक्रवार शाम 6.30 बजे घर के सामने एक पेड़ के आसपास काफी संख्या में चील मंडरा रही थीं। पहले तो मुझे वहां बंदरनुमा आकृति दिखी। अंधेरे के कारण मुझे लगा कि किसी मृत जीव के लिए इतनी सारी चील मंडरा रही होंगी। रात 10 बजे तक पेड़ के आसपास चीलों को मंडराते हुए देखा। सुबह 7.30 बजे जब मैं योग करने के लिए उठा तो फिर से मेरी पेड़ पर नजर गई और आसमान में चील नजर आई। मैंने व पत्नी ने ध्यान से देखा तो पेड़ पर पक्षी दिखा, वह आजाद होने के लिए फड़फड़ा रहा था और पतंग की डोर में फंसा हुआ था।

10.30 बजे पहुंची वन विभाग की टीम, 12 बजे निगम की क्रेन आने पर मिली आजादी

शर्मा के मुताबिक, उन्होंने पक्षी को पेड़ पर फंसा हुआ देख उसे बचाने के लिए क्षेत्रीय जोनल अधिकारी को फोन लगाया। इसके अलावा वन विभाग के अफसरों और समाजसेवियों को भी फोन लगाया। निगम की अपर आयुक्त भव्या मित्तल को भी फोन लगाया और उन्हें बचाव दल भेजने को कहा। सुबह 10.30 बजे वन विभाग की टीम पहुंची लेकिन पक्षी पेड़ पर काफी ऊंचाई तक फंसा हुआ था। वहां तक वन विभाग की टीम का पहुंचना आसान नहीं था। ऐसे में निगम के अफसरों को क्रेन पहुंचाने के लिए कहा। करीब 12 बजे निगम की विद्युत पोल का मेंटेनेस करने वाली टीम पहुंची। निगम के कर्मचारी क्रेन पर चढ़कर पेड़ पर फंसे पक्षी तक पहुंचे और उसके पंजों में उलझे धागों को काटा। धागे कटते ही पक्षी जमीन पर नहीं गिरा, बल्कि तत्काल आजाद हो उड़ान भरने लगा।

सघन हरियाली के कारण नौलखा क्षेत्र में पक्षियों का बसेरा

एडीएम राकेश शर्मा के मुताबिक, नगर निगम व वन विभाग की टीम के सहयोग से ही पेड़ पर फंसे पक्षी की जान बचाई जा सकी। क्षेत्र में सघन पेड़ होने के कारण यहां पर काफी संख्या में चील सहित अन्य पक्षी रहते हैं।

Posted By: Hemraj Yadav

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