इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि। केंद्र सरकार ने चार प्रदेशों में राज्यपाल बदले हैं और दो राज्यपालों के तबादले किए हैं। उम्मीद थी कि सरकार इंदौर की पूर्व सांसद सुमित्रा महाजन को भी राज्यपाल बनाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि महाजन को राज्यपाल बनाया जा सकता है, लेकिन थोड़ा इंतजार करना होगा। लोकसभा चुनाव लड़ने से इनकार करने के बाद महाजन ने कई बार कहा है कि उनकी राजनीति खत्म नहीं हुई है।

संगठन उन्हें जो भी जिम्मेदारी देगा, वे उसे निभाएंगी। कई बार सोशल मीडिया पर उन्हें महाराष्ट्र की राज्यपाल बनाए जाने की खबरें भी चर्चा में रहीं। जब बल्लाकांड से शहर की राजनीति गरमा गई थी, तब महाजन 15 दिनों के लिए एक शिविर में शामिल होने के लिए शहर से बाहर गई थीं। वहां से लौटने के बाद वे राजनीतिक आयोजनों में कम और धार्मिक आयोजनों में ज्यादा नजर आ रही हैं।

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दी जा सकती है गोवा की जिम्मेदारी : लोकसभा स्पीकर रहने के बाद महाजन का राजनीतिक कद बढ़ गया था। वे मराठीभाषी हैं और शादी से पहले वे चिपलूण में रहती थीं, जो महाराष्ट्र के रत्नागिरि जिले में आता है। आमतौर पर जिनका गृह जिला जिस राज्य में होता है उन्हें वहां का राज्यपाल नहीं बनाया जाता। ऐसे में सरकार महाजन को महाराष्ट्र के बजाए गोवा की जिम्मेदारी दे सकती है।

अगस्त में गोवा और महाराष्ट्र के अलावा सितंबर में केरल, कर्नाटक और राजस्थान के राज्यपालों का कार्यकाल भी खत्म हो रहा है। राजनीतिक हलकों में कयास लगाए जा रहे हैं कि इन राज्यों में से किसी एक की जिम्मेदारी महाजन को मिल सकती है। इस बारे में महाजन से भी प्रतिक्रिया लेने का प्रयास किया गया,लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका।

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