Traffic Police Indore, विपिन अवस्थी, इंदौर (नईदुनिया)। वाहन दुर्घटना के लगातार बढ़ रहे आंकड़ों के बाद इंदौर यातायात विभाग ने इन हादसों का पता लगाने के लिए योजना तैयार की है। इस योजना (दुर्घटनाओं का निरीक्षण, परीक्षण और परीवेक्षण) के तहत हादसे का कारण का पता लगाकर दुर्घटनाओं को रोकने के प्रयास किए जा रहे हैं। यह पहली बार है जब यातायात विभाग ऐसी योजना पर काम कर रहा है। इसमें 7 डीएसपी, 3टीआइ और 17 सूबेदारों सहित 27 यातायातकर्मियों को लगाया है।

इसके तहत प्रत्येक दुर्घटना की समीक्षा की जाती है, पूरी जानकारी विस्तार से लिखकर उसे भोपाल यातायात विभाग को भेजी जाती है। इससे यह पता चलता है कि घटना का कारण क्या रहा, जिससे कमी को दूर कर उसमें सुधार किया जा सके। भोपाल यातायात विभाग ने इंदौर की इस योजना को देखते हुए पूरे प्रदेश में इस साल से लागू कर दिया है।

बीते तीन सालों के आंकड़ों पर नजर डाले तो 2020 में मौतों की संख्या बढ़ी है जबकि लॉकडाउन में आवाजाही भी कम रही। योजना के आधार पर यातायात ने बारीकी से कारणों का पता लगाया तो कारण निकलकर सामने आया कि गाड़ी चलाने वाले नोसीखिया सड़क पर उतरे और घर जाने की होड़ में हादसे का शिकार हो गए।

ट्रेनें व बस नहीं चलने की स्थिति में कईयों ने नई गाड़ियां खरीद लीं और ट्रेनिंग के बिना ही हाइवे पर उतर गए। इसमें खुद की जान के साथ स्वजनों की जान के साथ खिलवाड़ किया। 31 अक्टूबर 2020 तक हुई मौतों की संख्या 347 है, जबिक बीते सालों में मौतें कम हैं।

एक क्लिक पर मिल सकेगी जानकारी

अधिकारियों का कहना है कि पुलिस अपनी रिपोर्ट में केवल 'लापरवाही पूर्वक तेजगति से गाड़ी चलाने से दुर्घटना" होना बताते हैं। इससे दुर्घटना का सही कारण पता नहीं लग पाता था। योजना के चलते छोटी-छोटी कमियों को भी समीक्षा विवरण में शामिल किया जाएगा। यातायात विभाग की टीम हादसा होने के तुरंत बाद ही मौका मुआयना करेगी। यह काम रोज प्रत्येक हादसे के बाद किया जाएगा। जानकारी यातायात विभाग की वेबसाइट पर होगी, जिसे अधिकारी कहीं भी बैठकर देख सकते हैं। यातायात विभाग पीडब्ल्यूडी, नगर निगम, एनएचए, बड़े इंस्टीट्यूट व सामाजिक संस्थानों को शामिल कर उसे ठीक कर दुर्घटना रोकने का काम किया जा रहा है। इससे हादसों में कमी आएगी और मौतें भी कम होंगी।

30 ब्लैक स्पॉट में से 10 ही बचे

जिले में तीन साल पहले 30 ब्लैक स्पॉट थे, इनमें से 20 को खत्म किया जा चुका है। 10 ब्लैक स्पॉट इंदौर-खंडवा रोड भेरूघाट, तीन इमली चौराहा नेमावर रोड, आईपीएस कॉलेज एबी रोड, बिचौली मर्दाना बायपास रोड, बिचौली हप्सी ब्रिज बायपास रोड, लवकुश चौराहा, रुची सोया के सामने तलावली चांदा, मां वैष्णोदेवी ढ़ावा मानपुर एबी रोड, ग्राम कुवाली महू फाटा एबी रोड, सेंटर पॉइंट ग्राम राहुखेड़ी एबी रोड को भी शीघ्र खत्म किया जाएगा।

इंदौर में 8 फीसदी ही दुर्घटनाएं कोहरे से

यातायात विभाग डीएसपी उमाकांत चौधरी ने बताया कि इंदौर में अन्य जिलों व राज्यों की अपेक्षा कोहरा कम होता है। इस तरह की दुर्घटनाएं भी जिले में महज 8 से 10 फीसदी ही होती हैं। इन दुर्घटाओं को रोकने के लिए ठंड से पहले ही लोगों को समझाइश दी जाती है, साथ हो पोस्टर बैनर लगाकर लोगों को जागरूक किया जाता है।

कर रहे दुर्घटनाओं को रोकने का प्रयास

दुर्घटनाओं को रोकने के लिए लगातार नए कदम उठाए जा रहे हैं। इंदौर यातायात के माध्यम से शुरू हुई योजना अब पूरे प्रदेश में लागू की जा रही है। दुर्घटना स्थल पर जाकर हादसे की पूरी जानकारी यातायात विभाग की वेबसाइट पर रखी जाएगी। यह काम रोज किया जाएगा।

` रंजीत सिंह देवके, ट्रैफिक एएसपी

तीन साल में हुई दुर्घटनाएं व मौतें

वर्ष दुर्घटनाओं की संख्या मृतक घायल

2018 3434 322 2954

2019 3383 328 2991

अक्टूबर 2020 1580 301 2377

Posted By: sameer.deshpande@naidunia.com

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