Revenue Court Indore, इंदौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। आम आदमी को राहत देने के लिए जिला प्रशासन के अधीन चलने वाले राजस्व न्यायालयों के लिए कलेक्टर मनीषसिंह ने महत्वपूर्ण व्यवस्था बनाई है। इसके तहत अविवादित नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन जैसे राजस्व संबंधी मामलों की कार्यवाही न केवल समय-सीमा में पूरी करना होगी, बल्कि संबंधित राजस्व पीठासीन अधिकारियों द्वारा इसके लिए जारी आदेश अब सीधे आवेदक को सौंपे जाएंगे। इसमें पटवारी और राजस्व निरीक्षक के भरोसे काम नहीं चलेगा।

पीठासीन अधिकारी के स्टाफ का व्यवहार आवेदकों के प्रति सहयोगात्मक और अच्छा होना चाहिए। यह आदेश तत्काल प्रभाव से प्रभावशील हो गया है। राजस्व न्यायालय के संबंधित क्षेत्र के एसडीओ और अपर कलेक्टर की जिम्मेदारी होगी कि वे हर सप्ताह आधे घंटे के लिए लंबित प्रकरणों की समीक्षा पीठासीन अधिकारी कार्यालय में करेंगे।

आवेदकों के लिए यह होगी राहत

- कलेक्टर ने निर्देश दिए हैं कि राजस्व न्यायालय के पीठासीन अधिकारी किसी भी प्रकरण में अंतिम आदेश पारित करने के बाद उस प्रकरण को समाप्त कर रिकाॅर्ड रूम दाखिले संबधी आदेश नहीं करेंगे। आदेश में पांच कार्य दिवस का समय देते हुए संबंधित अधीनस्थ राजस्व अधिकारी / कर्मचारी को रिकाॅर्ड अद्यतन का आदेश देंगे और वेब जीआइएस में अद्यतन कराया जाएगा। आदेश अनुसार प्रविष्टियां कर अपडेट रिकाॅर्ड की प्रति इसी समयावधि में पीठासीन अधिकारी के समक्ष पेश की जाएगी।

- आवेदक को पीठासीन अधिकारी द्वारा जारी किए गए आदेश और अपडेट रिकाॅर्ड जैसे ऋण पुस्तिका, खसरा नकल, बी-1, नक्शा आदि आवेदक को पीठासीन अधिकारी द्वारा दिया जाकर उसकी पावती (प्राप्ति) प्रकरण में संलग्न की जाएगी। पीठासीन अधिकारी का दायित्व होगा कि आरआइ, पटवारी राजस्व अभिलेख में रिकाॅर्ड सही ढंग से अपडेट करें, ताकि आवेदक अनावश्यक परेशान न हो।

- अभी अधिक संख्या में प्रकरण लंबित है इसलिए 31 दिसंबर तक पीठासीन अधिकारी अपडेट राजस्व रिकाॅर्ड की कॉपी सीधे आवेदक को देंगे। इस अवधि के बाद लोकसेवा केंद्र के माध्यम से ऋण पुस्तिका, खसरा नकल, बी-1, नक्शा आदि अभिलेख पीठासीन अधिकारी द्वारा उपलब्ध कराए जाएंगे। साथ ही लोकसेवा केंद्र में भी पीठासीन अधिकारी द्वारा ही राजस्व नकल भेजी जाएगी। इन दस्तावेजों के लिए किसी भी आवेदक को आरआइ या पटवारी से संपर्क के लिए नहीं कहा जाएगा।

- आरआइ या पटवारी द्वारा कोई भी दस्तावेज सीधे नहीं भेजा जाएगा। सीमांकन अथवा मौका निरीक्षण में ही पटवारी व आरआइ आवेदकों को बुला सकेंगे। जब आवेदक को मौके पर बुलाया जाएगा, तब पटवारी या आरआइ समय पर उपस्थित होंगे ताकि आवेदक परेशान न हो।

Posted By: sameer.deshpande@naidunia.com

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