इंदौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। फूलों से सजे पूर्वी क्षेत्र के रेडिसन चौराहा स्थित दिव्य शक्तिपीठ में शुक्रवार को ढोल-नगाड़े, शंख, घंटियां और वैदिक मंत्रों की ध्वनि गूंज रही थी। अवसर था- अठारह भुजाओं वाली मां दुर्गा, दस भुजाओं वाली महालक्ष्मी और आठ भुजाओं वाली महाकाली व मां सरस्वती की मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा का। सभी देवियों के प्रथम मनोहारी श्रृंगार दर्शन के लिए भक्तों का मेला लगा हुआ था। देवियों को नवीन वस्त्र और आभूषण पहनाकर काजल लगाया गया। पंडित कल्याणदत्त शास्त्री द्वारा देवी के कानों में धीमी आवाज में वैदिक मंत्र एवं गायत्री मंत्र का उच्चारण किया गया। इसी के साथ ही मूर्तियों को जाग्रत मानकर माता के जयघोष लगाए गए।

प्राण-प्रतिष्ठा की प्रक्रिया पूरी होने के बाद देवी की मूर्तियों पर अन्न और धन की वर्षा की गई। मंदिर के संरक्षक सांसद शंकर लालवानी व सभी ट्रस्टियों द्वारा हवन की पूर्णाहुति की गई। मंदिर में दर्शन करने के लिए आए लोगों ने कतारबद्ध होकर दर्शन किए। शाम को छप्पन भोग लगाकर महाआरती की गई।

वृद्धाश्रम के बुजुर्गों ने भी कार्यक्रम में लिया भाग - दिव्य शक्ति मंडल की सचिव डा. दिव्या गुप्ता ने बताया कि महोत्सव में 25 वृद्धाश्रमों के बुजुर्गों ने भाग लेकर महाप्रसादी ग्रहण की। न्यासी सुनील गुप्ता ने बताया कि मंदिर अब शहरवासियों के लिए खुल गया है। यहां अब रोज सुबह आरती कर भगवान को विशेष भोग अर्पित किया जाएगा। दिन में भगवान विश्राम करेंगे और शाम को मंदिर दोबारा सायंकालीन आरती के लिए खुल जाएगा।

हर वर्ग के लोगों के लिए सुविधा - अग्रसेन सोशल ग्रुप के अध्यक्ष संजय मंगल का कहना था कि इस मंदिर में हर आयु वर्ग के लोगों के लिए सर्वसुविधा उपलब्ध है। बच्चों के लिए छोटा सा झूलाघर है, वहीं बुजुर्गों के टहलने के लिए गार्डन और बैठने के लिए बेंच भी लगाई गई हैं। हर भक्त यहां आकर शांति महसूस करेगा।

Posted By: Hemraj Yadav

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