इंदौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। जिले की महू तहसील के हरसोला गांव में लगभग सवा एकड़ क्षेत्रफल में अमृत सरोवर का निर्माण किया जा रहा है। तालाब का 80-90 प्रतिशत काम हो चुका है। कुछ गहरीकरण का काम अब भी बाकी है। तालाब के अंदर कठोर तल आने से गहरीकरण में मुश्किल आ रही है। चट्टानों और कठोर हिस्से तो तोड़ने के लिए ब्लास्टिंग भी कराई लेकिन अधिक सफलता नहीं मिली। अब ग्राम पंचायत ने तय किया है कि पोकलेन मशीन के ब्रेकर से गहरीकरण किया जाएगा।

गांव से करीब आधा किलोमीटर दूर स्थित इस तालाब की लागत 13.40 लाख रुपये है। वर्षा के दौरान आसपास के खेतों के अलावा नाले में बहने वाले पानी की आवक तालाब में होगी। इससे तालाब भरेगा। यदि अच्छी बारिश हुई तो इसी वर्ष तालाब भर जाएगा। तालाब से आसपास के क्षेत्र के कुओं और नलकूपों का जलस्तर भी बढ़ेगा। इससे किसानों को सिंचाई के लिए तो फायदा होगा ही, पीने के पानी की समस्या भी दूर होगी।

ग्रामीणों का कहना है कि हरसोला में पंचायत द्वारा बनाया गया पुराना तालाब है, लेकिन वह छोटा है। इस नए तालाब के निर्माण से अधिक जल संरक्षण होने की संभावना है। तालाब की पाल के पास एक-दो साल में काली मिट्टी जमा होने के बाद रिसन नहीं होगी और यह अच्छी तरह भरने लगेगा।

ग्राम पंचायत सचिव जीवनलाल वर्मा का कहना है कि तालाब निर्माण के लिए फिलहाल समिति नहीं बनाई है, लेकिन गांव के कुछ जागरूक लोग तालाब निर्माण कार्य से जुड़े हैं। वे समय-समय पर उचित सलाह और सुझाव देते रहते हैं। हम उनके सुझावों के अनुसार काम कर रहे हैं। तालाब के आसपास पौधारोपण भी कराया जाएगा। इसके अलावा झंडावंदन के लिए प्लेटफार्म बनाएंगे। तालाब का निर्माण पूरा होने पर इसके रखरखाव की जिम्मेदारी गांव के ही उपयुक्त स्वयं सहायता समूह को सौंप दी जाएगी।

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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